अपडेटेड 2 February 2026 at 21:04 IST

चारों तरफ से घिर गया था ईरान, हमले के लिए तैयार थी सेना... फिर राष्ट्रपति पेजेशकियान के बयान ने चौंकाया, क्या ट्रंप के सामने झुक गए खामेनेई?

ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर जानलेवा कार्रवाई के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया, जिसमें हजारों प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई।

 'In Your Dreams': Khamenei Rubbishes Trump's Nuclear 'Obliteration' Claim, Accuses US of 'Terrorism' and Warmongering
Khamenei-Trump | Image: AP/X

तेहरान: बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ फिर से बातचीत शुरू करने की अपील की है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने इन रिपोर्ट्स की पुष्टि की है। यह चौंकाने वाला घटनाक्रम तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसके कारण अमेरिकी नौसेना ने ईरान के पास सैन्य जमावड़ा बढ़ा दिया है।

खास बात यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमला करने की धमकी के बाद अमेरिकी नौसैनिक बेड़े को इस क्षेत्र में तैनात किया गया था, यह धमकी देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के जवाब में दी गई थी।

ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर जानलेवा कार्रवाई के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया, जिसमें हजारों प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। ये विरोध प्रदर्शन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान में सबसे घातक घरेलू अशांति थे, जिसने अमेरिका के साथ तनाव बढ़ा दिया है, जिससे एक बड़े संघर्ष की चिंता बढ़ गई है। ट्रंप प्रशासन ईरान से परमाणु रियायतें देने की अपनी मांगों को लेकर मुखर रहा है, और हालिया सैन्य जमावड़े ने इस मामले में और भी तेजी ला दी है।

'कोई भी बातचीत बिना किसी शर्त के होनी चाहिए'

इस गंभीर स्थिति के बावजूद, दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर बातचीत करने और चर्चा करने की इच्छा जताई है। ट्रंप ने एक समझौते पर पहुंचने के बारे में उम्मीद व्यक्त किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी एक संभावित समझौते का संकेत दिया है, जिसमें कहा गया है कि ईरान निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परमाणु वार्ता में भाग लेने के लिए तैयार है। हालांकि, तेहरान ने यह साफ कर दिया है कि उसे किसी के दबाव में नहीं लाया जाएगा, और कोई भी बातचीत बिना किसी शर्त के होनी चाहिए।

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संयम और बातचीत का आह्वान

यूरोपीय संघ (EU) ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया है। अधिकारियों ने संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीति का आग्रह किया है। इसके अलावा, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब सहित क्षेत्रीय शक्तियों ने भी संयम और बातचीत का आह्वान किया है।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 2 February 2026 at 21:04 IST