नेपाल में क्यों बिगड़े हालात? राजशाही की मांग कर रहे समर्थकों-पुलिस के बीच हिंसक झड़प, आगजनी के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू
नेपाल में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, राजतंत्र की बहाली और नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़प हो गई।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Nepal: नेपाल की राजधानी काठमांडू में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, देश में राजतंत्र की बहाली और नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर आज सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों में झड़प हो गई। झड़प के दौरान हुई हिंसा में कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए जिसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कई घरों, इमारतों और वाहनों को फूंक दिया तो जवाब में सुरक्षाबलों ने भी आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के लेकर लगातार संसद भवन की ओर बढ़ रहे हैं, जिसको लेकर पूरे इलाके में तनाव माहौल है।
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने काठमांडू में कर्फ्यू लगा दिया है और सेना की तैनाती कर दी है। नेपाल में राजतंत्र की बहाली और हिंदू राष्ट्र की मांग के समर्थम में 40 से ज्यादा संगठन शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने "राजा आओ, देश बचाओ" के लगाए नारे
प्रदर्शनकारियों ने "राजा आओ, देश बचाओ, भ्रष्ट सरकार मुर्दबाद, हमें चाहिए हिंदू राष्ट्र, हमें चाहिए राजशाही" के नारे लगा रहे थे। आनंदोलनकारियों ने सरकार को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है और सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर एक हफ्ते के अंदर फैसला नहीं लिया गया तो पूरे नेपाल में इससे भी ज्यादा उग्र विरोध प्रदर्शन होगा।
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नेपाल में राजतंत्र की बहाली की मांग
साल 2008 में नेपाल में राजशाही को हटाकर धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना की गई। लेकिन महज 16 सालों के अंदर ही राजशाही की वापसी की मांग को लेकर आंदोलन चरम पर पहुंच चुका है। देश की जनता अब भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बार-बार सत्ता परिवर्तन से आजिज आ चुकी है। नेपाल में लोकतंत्र की बहाली के बाद से अब तक 13 बार सत्ता परिवर्तन हो चुका है और लगातार राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकारें भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जैसी समस्याओं ने निपटने में नाकामयाब रहीं, जिसके बाद जनता ने वापस राजतंत्र की बहाली की मांग तेज कर दी है।