Putin India Visit: PM मोदी से किस एजेंडे पर होगी बात, भारत आने से पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने बताया, यूरोप पर क्यों बरसे?
Vladimir Putin's India Visit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरे से पहले बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि वो पीएम मोदी संग मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर बातचीत करेंगे। साथ ही इस दौरान रूसी राष्ट्रपति यूरोप पर जमकर बरसते भी नजर आए।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Vladimir Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं। वो 4 और 5 दिसंबर को राजधानी दिल्ली में रहेंगे। रूसी राष्ट्रपति के इस दौरे पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच कई अहम समझौते कर सकते हैं। इस यात्रा से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग मुलाकात पर बयान सामने आया है। इस दौरान वो अमेरिका और यूरोप पर बरसते नजर आए।
व्लादिमीर पुतिन दिल्ली में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दिल्ली आने से पहले पुतिन ने यूरोप को सीधा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर यूरोप किसी भी तरह का संघर्ष या जंग चाहता है, तो इसके लिए रूस पूरी तरह तैयार है।
भारत दौरे से पहले आया पुतिन का बयान
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वीटीबी के कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी और प्रधानमंत्री की आगामी भारत यात्रा के दौरान मुलाकात होने वाली है। इस दौरान वे भारत संग व्यापार और आयात को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे। पुतिन ने आगे ये भी कहा कि रूस 'स्वतंत्र आर्थिक नीति' पर काम जारी रहे और सिर्फ अपने देश के हित को ध्यान में रखेगा। उन्होंने भारत और चीन का जिक्र कर कहा कि पिछले तीन सालों में दोनों देशों के साथ रूस का व्यापार काफी बढ़ा है।
यूरोपीय देशों की शांति की कोई योजना नहीं- पुतिन
रूसी राष्ट्रपति ने बरसते हुए कहा कि यूरोपीय देशों की शांति की कोई योजना नहीं है। वो युद्ध को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर यूरोप युद्ध लड़ना चाहता है, तो हम तैयार हैं। उन्होंने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि वे दुनिया से 'मुकाबला खत्म करना' चाहते हैं। वो इसमें नाकाम हो रहे हैं और आगे भी होते रहेंगे।
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4 साल बाद भारत आ रहे रूसी राष्ट्रपति
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार साल बाद भारत की यात्रा कर रहे हैं। इससे पहले वो 21वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिसंबर 2021 में दिल्ली आए थे। उनका ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्योंकि पिछले चार सालों में काफी कुछ बदला है।
इसके बाद से ही रूस-यूक्रेन युद्ध भी चल रहा है।