अपडेटेड 10 March 2026 at 23:24 IST
Iran Israel War: अमेरिका-इजरायल ने 5000 ठिकानों पर किए हमले, ईरान मुंहतोड़ जवाब देने पर अड़ा... 11 दिनों में जंग से दुनिया में हाहाकार
Middle East War Oil Impact : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध 11वें दिन में प्रवेश कर गया है और इसके खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है, जिसका असर पूरे क्षेत्र और उससे बाहर भी महसूस किया जा रहा है। यह युद्ध अब केवल सैन्य नहीं, बल्कि आर्थिक और क्षेत्रीय संकट में बदल चुका है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

Middle East में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध अब 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है। 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी स्थिति सख्त कर ली है और कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा।
ईरान ने मंगलवार को इजराइल के साथ-साथ खाड़ी के अरब देशों पर नए हमले किए। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर नौ ड्रोन हमले किए, बहरीन की राजधानी मनामा में एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया, साथ ही सऊदी अरब और कुवैत पर भी ड्रोन भेजे। इनमें से अधिकांश हमलों को रोक लिया गया, लेकिन कुछ हमलों से जान-माल का नुकसान हुआ।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों की आवाजाही रोक दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ रहा है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र से एक लीटर तेल भी नहीं निकलने दिया जाएगा।
ईरान में 5,000 टारगेट पर हमले
दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मंगलवार को ईरान के अंदर अब तक का सबसे तीव्र हमलों का दिन होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान में 5,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए हैं, जिसमें सैन्य और इंडस्ट्रियल ठिकाने शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी, "अगर ईरान होर्मुज में तेल की आवाजाही रोकता है, तो अमेरिका उसे अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोर से मारेगा।"
Advertisement
ईरान में सबसे अधिक मौत
अधिकारियों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में कम से कम 397 लोग और इजराइल में 11 लोग मारे गए हैं। 7 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की भी मौत हुई है। UAE में 6 मौतें और 122 घायल है। इसके अलावा बहरीन में हमलों से महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों घायल हुआ हैं।
- ईरान में 1,230 से अधिक मौतें
- लेबनान में 397 मौतें
- इजराइल में 11 मौतें
- अमेरिकी सेना के 7 जवान शहीद
- UAE में 6 मौतें और 122 घायल
- बहरीन में हमलों से महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों घायल
इन देशों में गैस संकट
जंग की वजह से भारत सहित दुनिया के कई देशों को बड़े फ्यूल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इन देशों में खुद अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, पाकिस्तान, पोलैंड, वियतनाम, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया शामिल हैं। इस युद्ध की वजह से तेल की कीमतें बढ़कर 90-120 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष और लंबा खिंच सकता है, क्योंकि दोनों पक्षों में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही।
Advertisement
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 10 March 2026 at 23:24 IST