Iran-US Talks: ट्रंप की धमकी के बाद फिर बिगड़ी बात, स्विट्जरलैंड में सिर्फ 80 मिनट चली अमेरिका-ईरान वार्ता; लेबनान संकट पर दोनों देश फंसे

स्विट्जरलैंड के बर्जेनस्टाक में शांति वार्ता को लेकर ईरान-अमेरिका के बीच पहले दौर की बैठक हुई। मगर लेबनान पर जारी इजरायल का हमला और ट्रंप की धमकी की वजह से बातचीत बिगड़ गई।

Iran-US Talks
Iran-US Talks | Image: AP

अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को शुरू हुई बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता पहले ही दौर में गतिरोध का शिकार हो गई। लेबनान में जारी तनाव और वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयान से माहौल तनावपूर्ण हो गया। बैठक मात्र 80 मिनट तक ही चल पाई। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद स्विट्जरलैंड के बर्जेनस्टाक में शांति वार्ता को लेकर पहले दौर की बैठक हुई।

मिडिल ईस्ट में महीनों से जारी तनाव को थोड़ा विराम उस समय लगा था जब राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच 14 सूत्रीय प्रारंभिक समझौता मसौदे पर तकनीकी चर्चा के लिए 60 दिन का समय तय किया गया था। इस कड़ी में रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्जेनस्टाक में शांति वार्ता को लेकर पहले दौर की बैठक हुई। मगर लेबनान पर जारी इजरायल का हमला और ट्रंप की धमकी की वजह से बात बिगड़ते हुए नजर आ रही है।

ट्रंप ने धमकी के बाद ईरान ने बैठक से किया वॉकआउट

ट्रंप ने धमकी देते हुए ईरान से लेबनान में हिजबुल्ला की गतिविधियां तुरंत रोकने की मांग की और साफ चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका एक बार फिर सैन्य कार्रवाई करने को मजबूर हो सकता है। ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने ट्रंप के बयान के विरोध जताया और थोड़ी देर के लिए बैठक छोड़कर निकल गए। मगर कुछ देर बात बातचीत जारी रखने की इच्छा भी जाहिर की और फिर वार्ता शुरू हुई।

शांति वार्ता के लिए दोनों देशों से कौन-कौन हुआ शामिल

इस शांति वार्ता के लिए अमेरिका की ओर से बातचीत करने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मौजूद थे। वहीं, ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए। ट्रंप ने ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “अगर ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद करने की कोशिश की तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा।”

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सामूहिक फोटो सत्र में शामिल नहीं हुआ ईरान

ईरानी मीडिया के अनुसार, ट्रंप के इन बयानों का विरोध करते हुए ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक से उठकर बाहर चला गया और बाद में सामूहिक फोटो सत्र में भी शामिल नहीं हुआ। हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि वार्ता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, बल्कि फिलहाल रोक दी गई है। आगे की बैठक कब और किस प्रारूप में होगी, इस बारे में दोनों पक्षों की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

अमेरिका और ईरान के बीत करीब 80 मिनट तक बैठक चली, जिसमें प्रतिबंधों में राहत और ईरान की फ्रीज संपत्तियों को रिलीज कराने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच यह वार्ता परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रतिबंधों जैसे मुद्दों को सुलझाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन पहले दौर में ही गहरी दरार उभर आई है। 

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Published By:
 Rupam Kumari
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