'आतंकी है अमेरिकी सेना, उसे भयंकर जवाब देंगे', जहाज को ट्रंप ने कब्जे में लिया तो ईरान ने खाई बदला लेने की कसम, लेकिन यहां फंस रहा पेंच
सोमवार को सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि तेहरान अमेरिकी सेना के खिलाफ "जरूरी कार्रवाई करेगा।" यह बयान तब आया जब वीकेंड पर अमेरिकी सेना ने, बेहद व्यस्त जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के पास, ईरान का झंडा लगे एक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया था।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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सोमवार को सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि तेहरान अमेरिकी सेना के खिलाफ "जरूरी कार्रवाई करेगा।" यह बयान तब आया जब वीकेंड पर अमेरिकी सेना ने, बेहद व्यस्त जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के पास, ईरान का झंडा लगे एक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया था।
IRGC से जुड़ी 'तस्नीम न्यूज एजेंसी' के अनुसार, ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी सेना के "खुले तौर पर किए गए हमले" के जवाब में, "घुसपैठ करने वाली अमेरिकी सेना को निर्णायक जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली थी।"
फिर कहां फंस रहा पेंच?
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स' द्वारा जारी टिप्पणियों में, सैन्य कमान के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के सशस्त्र बल अमेरिका द्वारा किए गए "खुले हमले" के प्रति "निर्णायक जवाब" देने के लिए तैयार थे; लेकिन जहाज के कर्मचारियों के कुछ परिजनों की मौजूदगी के कारण, वे "उनकी जान और सुरक्षा को बचाने के लिए विवश थे, जो किसी भी पल खतरे में पड़ सकती थी।"
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अभी भी मतभेद
एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं, क्योंकि ईरान और अमेरिका एक स्थायी शांति तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि दो हफ्ते का संघर्ष-विराम जल्द ही समाप्त होने वाला है।
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वरिष्ठ ईरानी सूत्र का कहना है कि तेहरान की रक्षात्मक क्षमताएं, जिसमें उसका मिसाइल कार्यक्रम भी शामिल है, अमेरिका के साथ बातचीत के लिए खुली नहीं हैं। सूत्र का कहना है, "होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहने से शांति वार्ता कमजोर होती है।"