'ईरान के लिए सब कुछ करेंगे', अब्बास अराघची को मिला पुतिन का साथ तो तुरंत तेहरान के विदेश मंत्री के बदल गए तेवर, बोले- ट्रंप गिड़गिड़ा रहे
सेंट पीटर्सबर्ग में हुई एक मुलाकात के दौरान, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के शीर्ष राजनयिक से कहा कि मॉस्को मध्य-पूर्व में शांति सुनिश्चित करने में मदद के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 2 min read

सेंट पीटर्सबर्ग में हुई एक मुलाकात के दौरान, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के शीर्ष राजनयिक से कहा कि मॉस्को मध्य-पूर्व में शांति सुनिश्चित करने में मदद के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
रूसी सरकारी मीडिया के अनुसार, पुतिन ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से कहा, "हमारी ओर से, हम वह सब कुछ करेंगे जो आपके हितों और इस क्षेत्र के सभी लोगों के हितों के लिए फायदेमंद हो, ताकि जल्द से जल्द शांति स्थापित की जा सके।"
सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा कि रूस को उम्मीद है कि ईरानी लोग इस "कठिन दौर" का सामना कर लेंगे और अंततः शांति की जीत होगी।
ट्रंप गिड़गिड़ा रहे?
पुतिन का साथ मिलते ही ईरान के विदेश मंत्री का सीना चौड़ा हो गया। उन्होंने तुरंत रूसी मीडिया से बातचीत में ये संकेत दे दिया की ट्रंप ही बातचीत के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं, जबकि ईरान उनके प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
Advertisement
अराघची ने रूसी मीडिया को बताया, "यह साफ है कि ईरान दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति के खिलाफ खड़ा हुआ है, और वे अपने लक्ष्यों में से एक भी हासिल नहीं कर पाए हैं। यही वजह है कि उन्होंने बातचीत का प्रस्ताव रखा है, और हम फिलहाल इस पर विचार कर रहे हैं।"
अमेरिका पर आरोप
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत, उसकी अत्यधिक मांगों और गलत रवैये के कारण टूट गई। उन्होंने कहा, "अमेरिका के गलत रवैये और अत्यधिक मांगों के कारण बातचीत का पिछला दौर, जिसमें प्रगति भी हुई थी, अपने लक्ष्यों तक नहीं पहुंच पाया।"
Advertisement
वहीं, दूसरी तरफ होर्मुज को लेकर ईरान ने कहा कि जलमार्ग के प्रबंधन के लिए देश के प्रस्तावित कानून के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य की जिम्मेदारी उसके सशस्त्र बलों की होनी चाहिए। ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि सशस्त्र बल पहले से ही इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखे हुए हैं और वे "शत्रुतापूर्ण जहाजों" के गुजरने पर रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं।