'भारत हमेशा अपनी दोस्ती निभाएगा', PM मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, 'ओली दराजली दोस्तलिक' अवॉर्ड से नवाजे गए प्रधानमंत्री
उज्बेकिस्तान के दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी को राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान 'ओली दाराजली दोस्लिक' से सम्मानित किया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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PM Modi Receives Uzbekistan's Highest Honour: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे का आज दूसरा और आखिरी दिन है। रविवार को उन्होंने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके बाद उन्हें देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान 'ओली दराजली दोस्तलिक' से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा। इस पुरस्कार को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने X पर पोस्ट में कहा, ''ओली दराजली दोस्तलिक' ऑर्डर पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच के अटूट रिश्ते को समर्पित करता हूं। भारत-उज्बेकिस्तान की दोस्ती और फले-फूले! हमारी द्विपक्षीय साझेदारी सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े और हमारे लोग समृद्ध हों।'
मेरे लिए गर्व का पल- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने सर्वोच्च सम्मान को स्वीकारने के बाद कहा, 'उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च अवॉर्ड से सम्मानित होना मेरे लिए बहुत ही गर्व का पल है। जिन शब्दों का प्रयोग किया गया, उससे भारतीय भी परिचित हैं। 'दोस्तलिक' हमारे यहां भी शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जो दिन में 100 बार दोस्त शब्द का प्रयोग न करता हो। उस 'दोस्तलिक' की सच्ची पहचान आज आपने प्रकट की है। 'दोस्तलिक' यानी मित्रता, इस शब्द में ही भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों के केंद्र में जो भावना है, उस भावना को बहुत ही उत्तम तरीके से प्रकटीकरण हुआ है।'
ये 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान- PM
उन्होंने आगे कहा, 'यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है। मैं सभी भारतवासियों की तरफ से उज्बेकिस्तान के लोगों का, यहां की सरकार का और मेरे मित्र आदरणीय राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव को हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इस सर्वोच्च सम्मान को पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी मित्रता और हमारी साझा विरासत को नम्रतापूर्वक समर्पित करता हूं।'
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'मैं अवॉर्ड के साथ जिम्मेवारी का भी एहसास कर रहा'
पीएम मोदी ने कहा कि एक्सेलेंसी आपके दूरदर्शी नेतृत्व और भारत के प्रति आपकी दोस्ती से हमारे संबंध निरंतर मजबूत होते चले गए हैं। हर समय उन नई ऊंचाईयों की तरफ सफलतापूर्वक बढ़ते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप आज हमारे संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का नया स्तर दिया गया है। एक्सेलेंसी अवॉर्ड से गौरव तो प्राप्त होता ही है, सम्मान भी मिलता है, लेकिन मैं भलीभांति जानता हूं कि यह अवॉर्ड अपने साथ एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी लेकर आता है। आज मैं जब इस अवॉर्ड को स्वीकार कर रहा हूं तब मैं उस जिम्मेवारी का एहसास कर रहा हूं। मैं आज उज्बेकिस्तान की इस ऐतिहासिक भूमि से उज्बेकिस्तान के लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि भारत कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेगा, यह दोस्ती पूरी तरह से निभा कर रहेगा।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने की पीएम मोदी की तारीफ
वहीं उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने कहा, 'हम आपको न केवल एक बेहतरीन राजनेता और समझदार राजनीतिक लीडर के तौर पर जानते हैं, जिन्हें भारत के लोगों का गहरा भरोसा और सम्मान हासिल है, बल्कि एक ऐसे लीडर के तौर पर भी जानते हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत बड़ी पहचान है। हाल के वर्षों में भारत का तेजी से विकास और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसका लगातार बढ़ता प्रभाव सीधे तौर पर आपके नाम और लीडरशिप से जुड़ा है। देश को आधुनिक बनाने की आपकी असरदार रणनीति और कार्यक्रमों की वजह से, आज का भारत हर क्षेत्र में शानदार उपलब्धियां हासिल कर रहा है। सच्चे भाइयों के तौर पर हमें आपकी शानदार उपलब्धियों पर हमेशा बहुत खुशी होती है और हम आपको एक बार फिर बधाई देना चाहते हैं।'
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उन्होंने आगे कहा कि आज की ऐतिहासिक यात्रा और हमारी सार्थक बातचीत के नतीजे के तौर पर, हमने अपने दोस्ताना देशों के बीच संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक पहुंचाया है। यह वाकई ऐतिहासिक है और यह कहना बिल्कुल भी बढ़ा-चढ़ाकर कहना नहीं होगा कि भारत के प्रधानमंत्री ने इस अहम पड़ाव तक पहुंचने में बहुत बड़ा व्यक्तिगत योगदान दिया है। आज हमारे द्विपक्षीय संबंधों के विकास में एक यादगार और ऐतिहासिक दिन है। एक अरब अमेरिकी डॉलर का मौजूदा व्यापार टर्नओवर कोई सीमा नहीं है। हम अभी भी अपने लक्ष्यों को हासिल करने से काफी दूर हैं। हमारा लक्ष्य पहले बेंचमार्क के तौर पर पाँच अरब अमेरिकी डॉलर है, और मुझे पूरा भरोसा है कि भविष्य में हम आसानी से दस अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार टर्नओवर हासिल कर सकते हैं।