'अभी तो सूरज उगा है...', ताशकंद में गूंजी PM मोदी की कविता, उज्बेक बच्चों का हिंदी प्रेम देख भावुक हुए प्रधानमंत्री
पीएम मोदी की कविता की गूंज उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशंकद में देखने को मिली। यहां उज्बेक बच्चों ने प्रधानमंत्री के सामने उन्हीं की लिखी कविता 'अभी तो सूरज उगा है' पेश की।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान की यात्रा भले ही संपन्न हो गई है, लेकिन वहां की खूबसूरत यादें अब भी ताजा हैं। उन्होंने ताशकंद दौरे का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें इस यात्रा की कई खूबसूरत झलकें दिखाई हैं। इस क्लिप में वैसे तो कई यादगार झलकियां हैं, लेकिन उज्बेक बच्चों द्वारा पढ़ी एक कविता ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है। खास बात यह है कि उज्बेक बच्चों ने प्रधानमंत्री के सामने उन्हीं की लिखी कविता पेश की।
पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक 'X' हैंडल पर जो वीडियो साझा किया है, उसमें बच्चे पीएम मोदी की लिखी कविता पढ़ते नजर आ रहे हैं। इस कविता के बोल हैं- 'आसमान में सिर उठाकर, घने बादलों को चीरकर, रोशनी का संकल्प लें, अभी तो सूरज उगा है। दृढ़ निश्चय के साथ चलकर, हर मुश्किल को पार कर, घोर अंधेरे को मिटाना है, अभी तो सूरज उगा है।' उज्बेक बच्चों के मुंह से अपनी लिखी कविता सुनकर पीएम मोदी भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने ताली बजाकर छात्रों की हौसला अफजाई की।
हिंदी उनकी भाषा नहीं, लेकिन भाव प्रकट हुए- PM
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'यह पल मेरे लिए बहुत भावुक करने वाला था। मुझे इन युवाओं की आवाज में अपनी बहुत पहले लिखी कविताएं सुनने का मौका मिला; और मैंने देखा कि भले ही हिंदी उनकी मातृभाषा नहीं है, लेकिन उन्होंने जो भावनाएं व्यक्त कीं, वे बिल्कुल वैसी ही थीं जैसी मैंने उन्हें लिखते समय महसूस की थीं। ऐसा तभी संभव होता है जब आप उस भाषा को जीते हैं, जब आप उसमें पूरी तरह डूब जाते हैं।'
कई वजहों से दिलचस्प रहा ताशकंद दौरा- पीएम मोदी
उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, ‘कल ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी सेंटर का दौरा कई वजहों से दिलचस्प रहा। वहां इंडोलॉजी (भारतीय अध्ययन) का एक जीवंत माहौल देखने को मिला। भारत के बारे में पढ़ने और जानने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा। महात्मा गांधी जी के जीवन पर बहुत काम हुआ है। तमिल संस्कृति में भी दिलचस्पी बढ़ रही है। छात्रों ने मेरी लिखी कविताओं की कुछ पंक्तियां भी सुनाईं।’
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भारत-उज्बेकिस्तान के बीच सकारात्मक चर्चा
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आपसी हितों, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर बेहद सकारात्मक चर्चा हुई, जिसने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है। पीएम मोदी के मुताबिक, मध्य एशिया के साथ भारत के संबंधों में उज्बेकिस्तान अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की आकांक्षाओं और सोच में गहरी समानता है।
दोनों देशों के बीच 5 अरब डॉलर का रोडमैप तैयार
रविवार को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ बातचीत के बाद हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने बताया कि 2026 में उनकी रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ है और दोनों पक्षों ने इस रिश्ते को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार 1 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और 2030 तक इसे 5 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसे प्राप्त करने के लिए हम मार्केट तक पहुंच, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और पेमेंट जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में हम दोनों देशों के लिए फायदेमंद सहयोग बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।