Iran Israel War: ईरान के साथ युद्ध लंबा खींचने पर इजरायल में बवाल, विपक्ष ने PM नेतन्याहू को दे दी चेतावनी, कहा- IDF पतन के कगार पर...
Israel News: इजरायली विपक्षी नेता यायर लैपिड ने चेतावनी दी है कि IDF अपनी क्षमता की सीमा तक और उससे भी आगे तक खिंच चुका है। सरकार सेना को युद्ध के मैदान में घायल अवस्था में छोड़ रही है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Israel news: ईरान और लेबनान के साथ जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अब अपने देश में घिरते दिख रहे हैं। इजरायल में विपक्ष ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ने बिना किसी रणनीति के सेना को युद्ध में झोंक दिया है। विपक्षी नेता यायर लापिड ने चेतावनी दी है कि इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) पतन की कगार पर हैं।
IDF चीफ ने दी चेतावनी
यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब गुरुवार (26 मार्च) इजरायल डिफेंस फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने कहा था कि युद्ध के बढ़ते दबाव और सैनिकों की गंभीर कमी की वजह से इजरायली सेना 'अंदर से कमजोर होकर टूट सकती' है।
सुरक्षा कैबिनेट की बैठक में IDF चीफ ने कहा कि भर्ती कानून, रिजर्व ड्यूटी कानून और अनिवार्य सैनिक सेवा बढ़ाने वाला कानून जल्द से जल्द बना देने चाहिए। ये कदम नहीं उठाए गए तो सेना जल्द ही सामान्य कामकाज भी नहीं कर पाएगी और रिजर्व सिस्टम भी टूट जाएगा।
'सरकार सेना को युद्ध में घायल अवस्था में छोड़ रही है'
मुख्य विपक्षी दल यश अतिद के प्रमुख यायर लैपिड ने कहा, “मैं इजराइल के नागरिकों को चेतावनी देना चाहता हूं- हम एक और सुरक्षा आपदा का सामना कर रहे हैं। मैं 10 रेड फ्लैग की बात कर रहा हूं। IDF पतन के कगार पर है।"
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उन्होंने कहा कि हमारे पायलट, हमारे लड़ाके, इन दिनों इजरायल राष्ट्र के इतिहास में गौरवशाली अध्याय लिख रहे हैं। हम शेरों की एक ऐसी पीढ़ी की बात कर रहे हैं, जो असाधारण काम कर रही है; लेकिन IDF अपनी क्षमता की सीमा तक और उससे भी आगे तक खिंच चुका है। सरकार सेना को युद्ध के मैदान में घायल अवस्था में छोड़ रही है।
लैपिड ने कहा कि जो कोई भी अब यह कहता है कि हमें युद्ध के समय खतरों के बारे में बात नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे हम कमजोर पड़ते हैं। वह शायद यह भूल गया है कि हमने 7 अक्टूबर को क्या सीखा था? सुरक्षा तंत्र की भूमिका आपदा आने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले चेतावनी देना है।
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रिजर्व सैनिक पूरी तरह से थक चुके हैं- विपक्षी नेता
उन्होंने आगे कहा कि चीफ ऑफ स्टाफ ने कैबिनेट को बताया कि अब उनके पास रिजर्व सैनिकों को जुटाने का कोई और तरीका नहीं बचा है। उनके रिजर्व सैनिक अपने छठे और सातवें दौर में हैं। ये रिजर्व सैनिक पूरी तरह से थक चुके हैं, और अब हमारी सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में सक्षम नहीं हैं। चीफ ऑफ स्टाफ ने कैबिनेट को बताया कि नियमित सेना पूरी तरह से पतन की स्थिति में है। सेना के पास अपने अभियानों के लिए पर्याप्त सैनिक नहीं हैं। चीफ ऑफ स्टाफ ने कैबिनेट को कई तरह के खतरों के बारे में विस्तार से बताया, जिनमें से ज्यादातर का जिक्र कैमरे पर नहीं किया जा सकता, लेकिन निचोड़ यह है: सरकार सेना को बिना किसी रणनीति, बिना संसाधनों और बहुत कम सैनिकों के साथ एक बहु-मोर्चे वाले युद्ध में भेज रही है।
'नेतन्याहू ये नहीं कह पाएंगे- मैं इसके लिए जिम्मेदार नहीं'
लैपिड ने कहा कि इस बार सरकार यह नहीं कह पाएगी कि, "मुझे पता नहीं था।" यह वही चीफ ऑफ स्टाफ हैं जिन्हें उन्होंने खुद नियुक्त किया था, और वे अब उन पर राजनीति करके सारा दोष उन पर नहीं मढ़ पाएंगे। प्रधानमंत्री नेतन्याहू अब यह नहीं कह पाएंगे कि, "मैं इसके लिए जिम्मेदार नहीं हूं।" यह चेतावनी चीफ ऑफ स्टाफ ने दी थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो इस चेतावनी का समर्थन न करता हो। उन्होंने कहा कि सरकार को अब कायरता छोड़नी होगी।
इजरायली विपक्षी नेता ने नेतन्याहू से अति रूढ़िवादी हरेदी समुदाय के लोगों को सेना में भर्ती करने और जंग पर भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को यहूदी आतंकवाद से हर संभव तरीके से लड़ना होगा। मैं इजरायल की सरकार से यह कहना चाहता हूं कि चेतावनी दे दी गई है। इसकी सारी जिम्मेदारी अब आपके सिर पर है। यह अब आपके हाथों में है। युद्ध के समय में, आप अपनी छोटी-मोटी राजनीति के लिए इजरायल की सुरक्षा को इस तरह नज़रअंदाज करना जारी नहीं रख सकते।