ईरान युद्ध में नेतन्याहू के सबसे बड़े दुश्मन की एंट्री, इजरायल पर ताबड़तोड़ कई मिसाइलों से हमला; कहा- अब होगा कत्लेआम
ईरान के साथ जुड़े यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार को कन्फर्म किया कि उन्होंने ईरान के खिलाफ चल रहे मौजूदा इजरायल-अमेरिका युद्ध के दौरान पहली बार इजरायल पर हमला किया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान के साथ जुड़े यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार को कन्फर्म किया कि उन्होंने ईरान के खिलाफ चल रहे मौजूदा इजरायल-अमेरिका युद्ध के दौरान पहली बार इजरायल पर हमला किया है।
इस हमले के साथ ही वे इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में एक बड़े टकराव की आशंका बढ़ गई है। इससे पहले, इजरायल ने कहा था कि वह यमन से आ रही एक मिसाइल को रोकने का प्रयास कर रहा है।
अब होगा कत्लेआम?
इस समूह ने बताया कि मिसाइलों की बौछार के साथ किया गया यह हमला, ईरान, लेबनान, इराक और फिलिस्तीनी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचों को लगातार निशाना बनाए जाने के बाद किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके ये अभियान तब तक जारी रहेंगे, जब तक सभी मोर्चों पर जारी "आक्रामकता" समाप्त नहीं हो जाती।
50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों से ईरान पर अटैक
दूसरी तरफ, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दावा किया है कि 50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों ने तीन अलग-अलग इलाकों में ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए। इन इलाकों में हथियारों के उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली एक फैसिलिटी, एडवांस्ड विस्फोटक डिवाइसों के विकास और उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली ईरान के रक्षा मंत्रालय (MOD) की एक साइट, और बैलिस्टिक मिसाइलों और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों के पुर्जों के उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली एक साइट शामिल है।
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वहीं, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के एक प्रवक्ता ने कहा कि खर्ग द्वीप पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और कोई भी हमलावर जीवित नहीं बचेगा।