नेपाल में फिर उबला Gen Z आंदोलन, प्रधानमंत्री बालेन शाह का क्यों हो रहा है विरोध? पूरा मामला समझें
नेपाल की राजधानी काठमांडू में Gen Z युवा प्रधानमंत्री बालेन शाह के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। इसका मुख्य कारण बिना पुनर्वास योजना के हजारों परिवारों की जबरन बेदखली और म्यूनिसिपल पुलिस की कड़ी कार्रवाई है। बालेन शाह खुद 2025 के Gen Z आंदोलन से सत्ता में आए थे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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प्रधानमंत्री बालेन शाह कभी नेपाल की Gen Z की पहली पसंद थे, आज वो ही Gen Z युवा उनके खिलाफ़ सड़कों पर उतर आए हैं। ये प्रदर्शन उनकी सरकार के खिलाफ हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें प्रधानमंत्री का इस्तीफा, बिना पुनर्वास योजना के जबरन बेदखली रोकना, गिरफ्तार युवाओं की रिहाई और युवाओं के लिए आर्थिक सुधार है।
यह विरोध प्रदर्शन बालेन शाह की सरकार के लिए पहली बड़ी चुनौती माना जा रहा है, वो खुद 2025 के Gen Z आंदोलन से उभरकर सत्ता में आए थे। जन्म 1990 में जन्में बालेन शाह एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर, रैपर थे हैं। 2022 में वे काठमांडू के मेयर चुने गए थे। उनके मेयर रहते हुए काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी पुलिस एक्ट 2023 पास हुआ था।
2025 में नेपाल में Gen Z युवाओं ने तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किए। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और खराब शासन के मुद्दों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए। इन प्रदर्शनों के बाद ओली सरकार गिर गई। इसके बाद हुए 2026 के आम चुनाव में बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने भारी बहुमत हासिल किया। मार्च 2026 में वो नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने।
फिर से प्रदर्शन क्यों भड़के?
अप्रैल 2026 से नेपाल सरकार ने पूरे देश में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले भूमिहीन लोगों के खिलाफ बेदखली अभियान शुरू किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल से अब तक 15,000 से ज्यादा लोगों को बेदखल किया गया। इनमें से कई परिवारों को काठमांडू के अस्थायी होल्डिंग सेंटर्स में शिफ्ट किया गया। किर्तिपुर होल्डिंग सेंटर में बाढ़ आ गई, जिससे वहां रह रहे लगभग 150 विस्थापित लोगों को फिर से निकालना पड़ा।
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इससे लोगों में गुस्सा और बढ़ गया। एक 25 साल का राइड-शेयरिंग ड्राइवर गणेश नेपाली ने आत्मदाह कर लिया। आरोप है कि म्यूनिसिपल पुलिस ने उनकी मोटरसाइकिल लॉक कर दी थी। इस घटना ने म्यूनिसिपल पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी। इसके विरोध में काठमांडू की सड़कों पर सैकड़ों युवा सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बैटन चार्ज किया और कई को गिरफ्तार कर लिया। कोशी प्रांत में एकजुटता प्रदर्शन के दौरान 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
बालेन शाह के खिलाफ आक्रोश
बिना किसी स्थायी पुनर्वास योजना के जबरन बेदखली को अमानवीय बताया जा रहा है। विस्थापित परिवार होल्डिंग सेंटर्स की खराब स्थिति की शिकायत कर रहे हैं। काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी पुलिस पर आरोप है कि वे कानूनी अधिकार से बाहर जाकर बल प्रयोग, बैटन चार्ज और हिरासत में ले रहे हैं। वरिष्ठ वकीलों और पूर्व पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पुलिस का काम सिर्फ प्रशासनिक सहायता और समझौता कराना है, न कि बल प्रयोग करना।
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इसके अलावा लंबे समय से युवा बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और शासन की विफलता से नाराज हैं। बालेन शाह ने चुनाव के दौरान बदलाव का वादा किया था, लेकिन अब वही युवा उनसे नाराज हैं। बालेन शाह जिन Gen Z युवाओं के समर्थन से सत्ता में आए, वही युवा अब उनके खिलाफ सड़क पर हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
- प्रधानमंत्री बालेन शाह का तत्काल इस्तीफा
- बिना पुनर्वास के बेदखली तुरंत बंद हो
- विस्थापित परिवारों को स्थायी आवास मिले
- गिरफ्तार कार्यकर्ताओं, छात्रों और पत्रकारों की रिहाई
- युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिक सुधार
बढ़ते विरोध के बाद काठमांडू की म्यूनिसिपल पुलिस सड़कों से हट गई है। कानूनी विशेषज्ञों ने पुलिस की कार्रवाई को कानूनी आधारहीन बताया है। नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा समेत कई नेताओं ने गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की है। काठमांडू की सड़कों पर प्रदर्शन जारी हैं। सैकड़ों युवा सड़क पर हैं। बालेन शाह की सरकार के सामने अब यह साबित करने की चुनौती है कि वे युवाओं की अपेक्षाओं पर खरे उतर पाएंगे या नहीं।