Lashkar Terrorist In South Korea: साउथ कोरिया तक पहुंचा लश्कर-ए-तैयबा का जाल, पहली बार गिरफ्तार होने वाला लश्कर आतंकी है पाकिस्तानी नागरिक
United Nations Security Council की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) एक पाकिस्तान स्थित संगठन है जो आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहा है। यह अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन (मृत) सहित सूचीबद्ध आतंकी और संस्थाओं का समर्थन करता रहा है। आतंकी हाफ़िज़ मुहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख होने के साथ-साथ जमात-उद-दावा (JuD) का नेता भी है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Lashkar Terrorist In South Korea: वर्ष 2008 में मुंबई आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ था। इस हमले को दुनिया 26/11 आतंकी हमले के रूप में भी जानती है, जिसमें 160 से अधिक लोगों की जानें गईं थी और कई लोग जख्मी हुए थे। हालांकि, यूनाइटेड नेशन्स के सिक्योरिटी काउंसिल के द्वारा उस आतंकी संगठन को 2005 में ही बैन कर दिया गया था, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि इसके सदस्य आज भी दुनिया के कई देशों में एक्टिव हैं और आतंकी घटना को अंजाम दे रहे हैं।
इस बीच साउथ कोरिया से एक बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई आतंकी घटना के पीछे रहे लश्कर-ए-तैयबा संगठन का जाल अब दक्षिण कोरिया भी पहुंच गया है! विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, साउथ कोरिया में पहली बार लश्कर-ए-तैयबा (LASHKAR-E-TAYYIBA) का एक आतंकी दबोचा गया है। इसकी पहचान एक पाकिस्तानी नागरिक के रूप में की गई है।
2020 में लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ था पाकिस्तानी
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, साउथ कोरिया में पकड़ा गया यह आतंकी, वर्ष 2020 में लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ था। उसके बाद उसने इस आतंकी संगठन के आकाओं व अन्य ट्रेनरों से आतंकी गतिविधियों समेत अन्य ट्रेनिंग भी ली थी। विदेशी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी वहां, अपनी पहचान बदलकर लोकल मार्केट में एक दुकान पर काम करता था। साउथ कोरिया के ग्योंगगी नम्बू प्रांत की पुलिस ने बताया है कि इस संदिग्ध को आतंकवाद निरोधक अधिनियम व आव्रजन अधिनियम के उल्लंधन के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस पाकिस्तानी आतंकी की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है। इसे साउथ कोरिया की राजधानी सियोल के इटावोन डोंग से बीते 2 अगस्त को पकड़ा गया था।
ऐसे चकमा देकर साउथ कोरिया में ली थी एंट्री
मिली जानकारी के अनुसार, इस आतंकी ने साउथ कोरिया में घुसने के लिए पाकिस्तान स्थित इसके वाणिज्य दूतावास और सिस्टम को चकमा दिया था। बताया जा रहा है कि इसने पाकिस्तान में स्थित साउथ कोरिया के दूतावास से किसी भी तरह वीजा हासिल की और वर्ष 2023 में दक्षिण कोरिया में घुसने में कामयाब भी हो गया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कथित रूप से एक बिजनेस मैन बनकर दक्षिण कोरिया पहुंचा और फिर अपना काम करने लगा। हालांकि, अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस संदिग्ध पर किसी भी आतंकी घटना की साजिश रचने या फिर उसे अंजाम देने का कोई आरोप नहीं लगा है। वहीं, पुलिस मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है।
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लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान स्थित एक आतंकी संगठन
United Nations Security Council की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) एक पाकिस्तान स्थित संगठन है जो आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहा है। यह अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन (मृत) सहित सूचीबद्ध आतंकी और संस्थाओं का समर्थन करता रहा है। आतंकी हाफ़िज़ मुहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख होने के साथ-साथ जमात-उद-दावा (JuD) का नेता भी है।
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