अपडेटेड 19 March 2026 at 14:53 IST

Israel-Iran War: आयतुल्लाह खामेनेई से लारिजानी तक... जंग में ईरान के इन टॉप 6 लीडर को इजरायल ने किया ढेर, अब कौन संभालेगा युद्ध की कमान?

अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के टॉप-6 नेता ढेर हो चुके हैं। जिनमें सुप्रीम लीडर से लेकर सिक्योरिटी चीफ तक शामिल हैं। शीर्ष नेताओं की हत्या का युद्ध पर अब तक कोई खास असर नहीं पड़ा है, क्योंकि ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड इजरायल और अरब खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइलें दाग रहा है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया के एक-पांचवें हिस्से का तेल व्यापार होता है।

Israel killed these top 6 Iranian leaders in the war
ईरान के टॉप 6 लीडर की अब तक मौत | Image: AP

ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को 19 दिन हो चुके हैं। ईरान अपने सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत से सदमे से उभर ही रहा था कि इजराइल ने ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और IRGC की बसिज फोर्स के कमांडर जनरल गुलाम रजा सुलेमानी को भी मार दिया है।

आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खोमेनेई को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया था, लेकिन वो अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं देखे गए हैं और इजराइल को शक है कि वे घायल हो गए हैं। इस युद्ध में ईरान अपने टॉप 6 शीर्ष नेताओं और सुरक्षा अधिकारियों को खो चुका है। ईरान के टॉप 7 में से 6 नेताओं को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया है।

अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान को अब तक के सबसे बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस युद्ध में ईरान के कई शीर्ष नेता मारे गए हैं, जिनमें सुप्रीम लीडर से लेकर सिक्योरिटी चीफ तक शामिल हैं। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों का पहला निशाना ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई थे।

आयतुल्लाह अली खामेनेई (मौत)

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति थे। वे 1989 से इस पद पर थे। सेना, न्यायपालिका और प्रमुख राजनीतिक फैसलों पर अंतिम अधिकार रखते थे। 28 फरवरी को हुए हमले में ही तेहरान में उनके कॉम्प्लेक्स पर हमला हुआ, जिसमें उनकी मौत हो गई।

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अली लारिजानी (मौत)

अली लारीजानी ईरान के एक प्रसिद्ध राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके भाई सदक ईरान के न्यायाधीश प्रमुख रह चुके हैं, जबकि दूसरे भाई मोहम्मद जवाद विदेश नीति के सलाहकार थे। अली लारिजानी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे, यानी देश के सिक्योरिटी चीफ। वे पहले संसद के स्पीकर भी रह चुके थे और परमाणु वार्ताओं, विदेश नीति में अहम भूमिका निभाते थे। खामेनेई की मौत के बाद वे देश चला रहे थे। इजराइली हमले में उनकी मौत की पुष्टि हुई है, जो ईरान के लिए खामेनेई की मौत से भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

संसद अध्यक्ष अली लारीजानी ने 1 दिसंबर, 2019 को तेहरान, ईरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। (एपी फोटो/वाहिद सलेमी, फाइल)

अली शामखानी (मौत)

अली शामखानी नेशनल डिफेंस काउंसिल के प्रमुख और सुप्रीम लीडर के सीनियर सुरक्षा सलाहकार थे। वे पूर्व रक्षा मंत्री भी रह चुके थे और क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। युद्ध के दौरान इजराइली-अमेरिकी हमलों में उनकी मौत हो गई।

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FILE— In this June, 12, 2021, file photo, former Secretary of Iran's Supreme National Security Council Ali Shamkhani sits in a meeting in Tehran, Iran. President Ebrahim Raisi issued a decree replacing Shamkhani who has faced persistent corruption allegations — which he denied — as well as scrutiny because of close ties with a British-Iranian man hanged on spying charges earlier this year in Iran. (AP Photo/Vahid Salemi, File)

मोहम्मद पाकपोर (मौत)

मोहम्मद पाकपोर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ थे। IRGC ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य संस्था है। वे सैन्य अभियानों और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते थे। युद्ध की शुरुआती लहर में ही उनकी मौत हो गई।

अमीर नासिरजादेह (मौत)

अमीर नासिरजादेह ईरान के रक्षा मंत्री थे। वे हथियार विकास, ड्रोन और विमानन कार्यक्रमों के प्रमुख थे। पूर्व में वायुसेना के सीनियर अधिकारी रह चुके थे। इजराइली हमले में उनकी मौत हुई।

अब्दुल रहीम मौसवी (मौत)

अब्दुल रहीम मौसवी ईरान की सशस्त्र सेनाओं के चीफ ऑफ स्टाफ थे। वे सेना के अलग-अलग हिस्सों में समन्वय और रक्षा रणनीति के लिए जिम्मेदार थे। इजराइली हमलों में वे भी मारे गए।

ईरान के सबसे बड़े चेहरों में अब राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन जीवित हैं और देश की प्रशासनिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। लेकिन सुप्रीम लीडर और अन्य शीर्ष सैन्य-सुरक्षा अधिकारियों की मौत से ईरान की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 19 March 2026 at 14:53 IST