अपडेटेड 19 March 2026 at 11:09 IST

तेल की कीमतें 111 डॉलर प्रति बैरल के पार, वॉल स्ट्रीट और एशियाई शेयर बाजार धड़ाम, ईरान जंग से महंगाई का खतरा

ईरान जंग से एशियाई शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की है। कच्चा तेल महंगा हो गया है, महंगाई का डर सता रहा है और ब्याज दरें कम होने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार गिरने से दुनिया के निवेशक अभी बहुत सतर्क हैं।

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Oil prices cross dollar 111 a barrel Asian stock markets plunge Iran war raises inflation risk
ईरान जंग से महंगाई का खतरा | Image: AP

एशिया के शेयर बाजारों में तेज गिरावट देखी गई। इसका मुख्य कारण अमेरिका में तेल की कीमतों में बहुत तेज उछाल और ईरान के साथ चल रही जंग है। अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट भी बुधवार को बुरी तरह गिरा था। वॉल स्ट्रीट पर शेयरों में गिरावट के बाद गुरुवार को एशिया में भी शेयर बाजार में गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अंतरराष्ट्रीय ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 111.51 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो एक दिन में ही 3.9% बढ़ी। अमेरिकी क्रूड ऑयल भी 95.97 डॉलर पर पहुंचा। प्राकृतिक गैस की कीमत में भी 4.6% का उछाल आया। अगर तेल और गैस महंगा लंबे समय तक बना रहा तो पूरी दुनिया में महंगाई बहुत तेज हो सकती है, जो अर्थव्यवस्था के लिए बहुत नुकसानदायक होगा।

यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि ईरान और उसके विरोधियों के बीच जंग से फारस की खाड़ी में तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो गई है। ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के तेल-गैस ठिकानों पर हमला किया जा सकता है। ईरान ने यह हमले साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमले के बाद किए हैं।

अमेरिका में बढ़ रहे महंगाई 

अमेरिका में पहले से ही महंगाई बढ़ रही थी। बुधवार को एक रिपोर्ट आई कि थोक स्तर पर महंगाई 3.4% तक पहुंच गई। फेडरल रिजर्व (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि तेल की कीमतें क्या होंगी और राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ का असर कब तक दिखेगा, यह अभी पता नहीं। इसलिए फेड ने ब्याज दरें नहीं घटाईं, जिससे निवेशकों की उम्मीद टूटी कि ब्याज दरें कम होंगी। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और ट्रेजरी यील्ड (सरकारी बॉन्ड की दर) बढ़ गई।

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एशिया बाजार में गिरावट

  • जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 2.5% गिरकर 53,875 पर आ गया।
  • दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.3% नीचे।
  • हांगकांग का हैंग सेंग 0.2% और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.9% गिरा।
  • ऑस्ट्रेलिया और ताइवान के बाजार भी लाल निशान में।

जापान के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दर 0.75% पर ही रखी और कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव से बाजार में बहुत उतार-चढ़ाव है और तेल महंगा होने से ध्यान रखना जरूरी है। जापान को ज्यादातर तेल बाहर से खरीदना पड़ता है, इसलिए यह उसके लिए बड़ा झटका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची तेल कीमतें, मजबूत डॉलर और बढ़ती अमेरिकी यील्ड एशियाई बाजारों और मुद्राओं के लिए बहुत बड़ा नुकसान कर रही हैं।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 19 March 2026 at 11:09 IST