अपडेटेड 23 March 2026 at 13:24 IST
इजरायल ने तेहरान पर शुरू किए नए हमले, ईरान बोला- अमेरिकी अड्डों की बिजली काट देंगे
ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी देशों के पावर प्लांट्स को निशाना बनाने की धमकी दी है। ट्रंप ने होर्मुज खोलने की 48 घंटे की चेतावनी दी थी। ईरान ने कहा- अमेरिकी अड्डों को बिजली देने वाले प्लांट्स और डिसेलिनेशन यूनिट्स वैध लक्ष्य होंगे। इसी बीच इजरायल ने तेहरान पर नए हमले तेज कर दिए हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध ने चौथे हफ्ते में और तीव्र रूप ले लिया है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के जवाब में चेतावनी जारी की है कि अगर अमेरिका ने ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला किया तो ईरान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों को बिजली सप्लाई करने वाले पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा। ईरान ने कहा है कि वह Strait of hormuz को पूरी तरह बंद कर सकता है।
ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने राज्य टीवी पर बयान जारी कर कहा, "अगर अमेरिका हमारे पावर प्लांट्स पर हमला करता है तो हम अमेरिकी अड्डों को बिजली देने वाले सभी प्लांट्स और अमेरिकी हितों वाले आर्थिक-औद्योगिक ढांचों पर हमला करेंगे। इसमें कोई शक नहीं है।" ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने भी खाड़ी देशों के पीने के पानी के लिए जरूरी डिसेलिनेशन प्लांट्स को संभावित लक्ष्य बताया।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि अगर ईरान होर्मुज को सभी जहाजों के लिए पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को नष्ट कर देगा। उन्होंने 48 घंटे की समयसीमा तय की थी, जो 23 मार्च की रात खत्म हो रही है। ट्रंप ने लिखा, "हम सबसे बड़े प्लांट से शुरू करेंगे।"
इजरायल ने किए नए हमले
अब इजरायल ने तेहरान में बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर नए हमले शुरू किए हैं। इजरायली सेना ने ईरान की सैन्य क्षमता को दोबारा बनाने की कोशिशों को नष्ट करने का दावा किया है। ईरान ने सप्ताहांत में इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा माना जाने वाले डिमोना परिसर पर मिसाइलें दागीं, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
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इजरायल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भी हमले तेज कर दिए हैं। लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, 1,000 से ज्यादा लोग मारे गए और 10 लाख से अधिक विस्थापित हुए हैं। हिजबुल्लाह ने इजरायल पर सैकड़ों रॉकेट दागे हैं।
इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी के पास एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका गया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ। सऊदी अरब ने रियाद की ओर आने वाली मिसाइल को नष्ट किया और पूर्वी प्रांत में ड्रोन गिराए। बहरीन और कुवैत में भी सायरन बजे।
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तेल कीमतों में 50% से अधिक की बढ़ोतरी
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच ये युद्ध 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुआ था। इसके बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 50% से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा, "यह संकट 1970 के दशक के तेल संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध से भी बदतर प्रभाव डाल रहा है। कोई भी देश इससे अछूता नहीं रहेगा।"
ईरान में 1,500 से ज्यादा मौतें रिपोर्ट हुई हैं, जबकि इजरायल में ईरानी हमलों से 15 लोग मारे गए। क्षेत्र में कुल मौतें हजारों में हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अभियान योजना के अनुसार चल रहा है और ईरान चाहे तो अभी युद्ध रोक सकता है। यह युद्ध अब क्षेत्रीय ऊर्जा संकट और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के नुकसान की ओर बढ़ रहा है, जिसमें कोई तत्काल समाधान नजर नहीं आ रहा।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 13:24 IST