हवाई अड्डा बेकार, 12 पुलों और दो सुरंगों को नुकसान, ईरान ने बताया अमेरिकी हमलों में कितना हुआ नुकसान
ईरान ने कहा कि अमेरिकी हमलों ने बुशहर हवाई अड्डे को बेकार कर दिया, मरीन कंट्रोल टावर नष्ट किया, 12 पुलों और दो सुरंगों को नुकसान पहुंचाया। अमेरिका का दावा है कि निशाने सैन्य लक्ष्य थे। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी हमलों के जवाब में यह कार्रवाई हुई।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान की सरकार ने मंगलवार को बताया कि हाल के अमेरिकी हमलों से देश को कितना नुकसान पहुंचा है। सरकारी प्रवक्ता फातेमा मोहजेरानी ने स्टेट न्यूज एजेंसी के जरिए बताया कि अमेरिकी हमलों ने बुशहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पूरी तरह बेकार कर दिया है। यह हवाई अड्डा फारस की खाड़ी के किनारे स्थित है।
मोहजेरानी के अनुसार, एक मरीन कंट्रोल टावर भी नष्ट हो गया। 12 पुलों और दो सुरंगों को नुकसान पहुंचा। दोनों सुरंगें अब फिर से खोल दी गई हैं। क्षतिग्रस्त पुलों के आसपास वैकल्पिक रास्ते बना लिए गए हैं, ताकि आवाजाही बाधित न हो।
ईरान सरकार इन नुकसानों को गंभीर मान रही है और स्थिति पर नजर रखे हुए है। ईरान का दावा है कि मौसम विज्ञान केंद्र और कुछ मछली पकड़ने वाली नावें भी नष्ट हुईं। अमेरिका का कहना है कि उसने उन छोटी नावों को निशाना बनाया जो ईरानी सेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को परेशान करने के लिए इस्तेमाल करती थी।
दोनों तरफ से हुए हमले
इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि उसने इस महीने कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ये हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए थे। जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ये हमले उन अरब देशों पर हुए, जहां अमेरिकी फौजें तैनात हैं।
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विवाद क्या है?
यह तनाव होर्मुज को लेकर शुरू हुआ। इस जलमार्ग से दुनिया के तेल और गैस की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान ने हाल के दिनों में इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमले किए। अमेरिका ने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बाधा बताया।
जवाब में अमेरिका ने जुलाई में ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान ने बदले में उन अरब देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जहां अमेरिकी सेना तैनात है। दोनों पक्षों ने हमले तो रोक दिए, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। अमेरिका का दावा है कि उसके निशाने सिर्फ सैन्य लक्ष्य थे। ईरान कहता है कि नागरिक ढांचे को भी निशाना बनाया गया।