Anti Paper Leak Bill Debate: प्रह्लाद जोशी पर प्रियंका गांधी के बयान पर लोकसभा में जोरदार हंगामा, किरेन रिजिजू बोले- यह चरित्र हनन है, क्षमा मांगें...
प्रियंका गांधी वाड्रा ने एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर कुछ ऐसा कह दिया कि भारी हंगामा शुरू हो गया।
- भारत
- 3 min read

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में एंटी पेपर लीक पर चर्चा जारी है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने नए बिल को लेकर सरकार पर कई सवाल उठाए। वहीं, उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर कुछ ऐसा कह दिया कि सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पीकर से उनके बयान को हटाने की अपील की। वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी प्रियंका गांधी के मैदान पर कड़ा एतराज जताया।
लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "इस सरकार ने रोजगार पैदा करने वाले सभी सेक्टर को लगातार कमजोर किया है। परीक्षा प्रणाली ही फेल हो गई है। पिछले दशक में 152 बार पेपर लीक हुए हैं। करोड़ों छात्र इससे प्रभावित हुए हैं लेकिन एक भी दोषी या पेपर लीक माफिया को सजा नहीं दी गई है।"
प्रियंका गांधी ने RSS को लेकर क्या कहा?
केंद्र सरकार और RSS पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, "उन्होंने हमारे शिक्षा सिस्टम में RSS प्रचारकों को भरकर उसे खोखला बना दिया है। उन्होंने जबरदस्ती NTA को बनवाकर सिस्टम का केंद्रीकरण करके उसे और भी उलझा दिया है। देश के कुल बजट में शिक्षा बजट की हिस्सेदारी हर साल बढ़ाने के बजाय घटती जा रही है।"
प्रह्लाद जोशी पर प्रियंका के इस बयान पर मचा बवाल
वहीं, नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर प्रियंका गांधी ने जो कहा उसके बाद सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया। उन्होंन कहा, "प्रधानमंत्री ने एक नए शिक्षा मंत्री को नियुक्त किया है, एक ऐसे व्यक्ति को इस पद पर आसीन किया जिन्होंने गर्भवती महिला के साथ बलात्कार के दोषियों की रिहाई पर सहमति और खुशी भी जताई थी।"
Advertisement
यह चरित्र हनन है, क्षमा मांगें-किरेन रिजिजू
प्रियंका गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, " प्रियंका जी का यह बयान संसद के भीतर चरित्र हनन के बराबर है और हम ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं करते। इन बयानों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाना चाहिए। दूसरी बात, ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए।"