अपडेटेड 8 January 2026 at 07:50 IST
ईरान में सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने उठाए हथियार, अशखानेह में सैन्य भवन को लगाई आग, ईरानशहर में चलती कार से कमांडर की हत्या
Iran Crisis : ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारी अब हथियार उठा रहे हैं और सुरक्षा बलों से भिड़ रहे हैं। अशखानेह में सरकारी इमारत जलाई गई। करज के गोलशहर में झड़पें हुईं। 7 जनवरी को ईरानशहर में पुलिस कमांडर महमूद हकीकत की ड्राइव-बाय शूटिंग में हत्या हुई, जिसकी जिम्मेदारी जईश अल-अदल ने ली।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान में इन दिनों बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। पहले ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे, लेकिन अब ये नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी अब सुरक्षा बलों के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं और कई शहरों में झड़पें हो रही हैं। सड़कें जंग के मैदान जैसे बन गई हैं।
ये प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए थे और अब जनवरी 2026 में और तेज हो गए हैं। लोग महंगाई, बेरोजगारी और सरकार की नीतियों से नाराज हैं। कई शहरों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं और सुरक्षा बलों से सीधी टक्कर ले रहे हैं। प्रदर्शनकारी अब ईरानी सुरक्षा बलों के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं।
कई जगहों पर सड़कें ब्लॉक और आगजनी
उत्तरी खोरासान प्रांत के अशखानेह शहर में प्रदर्शनकारियों ने एक सैन्य प्रशासन भवन में आग लगा दी। इसी तरह कई जगहों पर सड़कें ब्लॉक करने और टायर जलाने की खबरें हैं। करज शहर के गोलशहर इलाके में भी विरोधियों और इस्लामी सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। करज ईरान का चौथा सबसे बड़ा शहर है।
पुलिस स्टेशन कमांडर की हत्या
एक बड़ी घटना 7 जनवरी, 2026 को बलूचिस्तान प्रांत में स्थित ईरानशहर में हुई। वहां पुलिस स्टेशन के कमांडर महमूद हकीकत की हत्या कर दी गई। वे पहले शहर की खुफिया विभाग के प्रमुख थे और बलूच विरोधियों पर सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते थे। हमलावरों ने ड्राइव-बाय शूटिंग की, यानी गाड़ी से गोली चलाई। ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। इस हत्या की जिम्मेदारी बलूच उग्रवादी संगठन जैश अल-अदल ने ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका दावा किया।
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कासिम सुलेमानी की मूर्ति को लगाई आग
गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर आगजनी की है। मध्य ईरान के काशान शहर में प्रदर्शनकारियों द्वारा कासिम सुलेमानी की मूर्ति को आग लगा दी गई। कासिम सुलेमानी, इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर में एक ईरानी प्रमुख जनरल थे।
क्यों हो रहे प्रदर्शन?
ईरान में 31 प्रांत हैं और ये प्रदर्शन 27 प्रांतों में 250 से अधिक जगहों पर फैल चुके हैं। शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार में दुकानदारों की हड़ताल से हुई, जहां दुकानें बंद कर दी गईं। बाद में छात्र और आम नागरिक भी सड़कों पर उतर आए। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से आर्थिक संकट, महंगाई और मुद्रा के गिरने से शुरू हुए थे, लेकिन अब ये सरकार बदलने की मांग तक पहुंच गए हैं।
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कई शहरों में लोग सुप्रीम लीडर के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारी ‘डेथ टू खामेनेई’ और 'मुल्लाओं को छोड़ना होगा देश' जैसे नारे लगा रहे हैं। सुरक्षा बल प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विरोध लगातार बढ़ रहा है। ईरान की जनता लंबे समय से मुश्किलों का सामना कर रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत 14 लाख तक पहुंच गई, जिससे महंगाई और जीवनयापन की लागत बेहद बढ़ गई। अमेरिकी प्रतिबंधों और इजराइल के साथ हालिया युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में थी।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 8 January 2026 at 07:50 IST