'ब्रिज-पावरप्लांट पर हमला किया तो हम पूरा क्षेत्र दहला देंगे', ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार; कहा- अमेरिकी हितों वाले ठिकाने भी नहीं बचेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज में किसी भी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी भी हथियार से हमला किया, तो हर बार अमेरिका जवाब में ईरान के एक पुल या एक पावर प्लांट को तबाह करेगा।

'We Will Not Submit If...': Mojtaba Khamenei Warns US, Says Won't Accept Trump's 'Excessive Demands'
US-Iran War | Image: Republic

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज में किसी भी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी भी हथियार से हमला किया, तो हर बार अमेरिका जवाब में ईरान के एक पुल या एक पावर प्लांट को तबाह करेगा। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि इसमें तेहरान के आसपास या शहर के अंदर स्थित ठिकाने भी शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप की इस धमकी पर ईरान ने भी तीखा जवाब दिया है। ईरान की तरफ से कहा गया कि अगर अमेरिका ने ईरान के किसी पुल या पावर प्लांट को निशाना बनाया, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई में पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और पुलों पर हमला करेगा, जिसमें वे ऊर्जा प्रतिष्ठान भी शामिल होंगे जहां अमेरिका के हित जुड़े हैं। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि पिछले दस दिनों के घटनाक्रम से अमेरिका को अब तक यह समझ लेना चाहिए कि ईरान जहां चाहे, वहां हमला करने की क्षमता रखता है, और ट्रंप का यह "जुआ" एक बार फिर उन्हीं के लिए शर्मिंदगी का सबब बनेगा।

दोनों पक्षों की तरफ से हमले और पलटवार जारी

यह ताजा बयानबाजी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति पहले से ही बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। यह चेतावनी अमेरिका द्वारा ईरान पर हमलों के एक और दौर के बाद आई है, जिसमें तेहरान के ऊपर हवाई सुरक्षा प्रणालियों ने गोलीबारी की। इसी दौरान ईरान ने इजरायल की सीमा के पास स्थित एक जॉर्डन के शहर पर मिसाइल हमला भी किया, जिसके बाद बहरीन और सऊदी अरब में अलर्ट जारी करना पड़ा।

गौरतलब है कि जून के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर एक प्रारंभिक समझौता हुआ था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह समझौता चरमरा गया। एक अमेरिकी ड्रोन हमले के बाद होर्मुज से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज पर ईरानी ड्रोन हमले की घटना ने हालात को फिर से युद्ध की ओर धकेल दिया। इसके बाद से लगातार दोनों पक्षों की तरफ से हमले और पलटवार जारी हैं।

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'ईरान बातचीत को लेकर गंभीर नहीं'

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी फिलीपींस में आसियान सम्मेलन के दौरान ईरान की होर्मुज से जुड़ी कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की और कहा कि फिलहाल ईरान बातचीत को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा। दूसरी तरफ ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह होर्मुज पर अपनी संप्रभुता से पीछे नहीं हटेगा और इस जलमार्ग पर नियंत्रण बनाए रखने के अपने संकल्प पर कायम रहेगा।

विशेषज्ञों की मानें तो अगर यह टकराव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि होर्मुज जसे दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है।

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Published By:
 Kunal Verma
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