ट्रंप के सीजफायर की उड़ा दी धज्जियां, ईरान ने ताबड़तोड़ दागी 5 मिसाइलें, जॉर्डन की सेना ने मार गिराने का किया दावा

जॉर्डन ने बुधवार को ईरान की पांच बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं, जो अमेरिकी ठिकानों पर निशाना थीं। इससे पहले अमेरिका ने भी ईरानी मिसाइलें रोकीं और इसी के साथ तीन दिन की शांति टूट गई।

Iran fired a barrage of five missiles Jordanian military claimed to have shot them down
ईरान ने ताबड़तोड़ दागी 5 मिसाइलें | Image: AP

बुधवार सुबह जॉर्डन की सेना ने ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। ये मिसाइलें जॉर्डन में स्थित मुवाफ्फक अल-सालती एयर बेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुख्यालय पर निशाना बनाकर भेजी गई थीं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने खुद दावा किया कि उन्होंने ये बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।

इससे कुछ घंटे पहले अमेरिका ने भी ईरान की तरफ से अपने सैनिकों पर दागी गई मिसाइलों को रोक लिया था। तीन दिन की शांति के बाद फिर से लड़ाई शुरू हो गई। इससे तेल के दाम भी बढ़ गए। ब्रेंट क्रूड तेल का भाव 3.1 फीसदी बढ़कर 84.58 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब के साथ मिलकर इराक के पूर्वी इलाके में कई ठिकानों पर हमला किया। ये ठिकाने ईरान समर्थित मिलिशिया के थे, जिन्होंने पिछले 72 घंटों में 30 से ज्यादा ड्रोन हमले किए थे। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी कहा कि वे हमले का जवाब जरूर देंगे, लेकिन खुद लड़ाई बढ़ाना नहीं चाहते।

इराक में आपात बैठक

इराक की पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने बताया कि इन हमलों में उनके कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और 32 घायल हुए। इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है।

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होर्मुज स्ट्रेट पर विवाद जारी

इस पूरे झगड़े का बड़ा कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य है। दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से जाता है। ईरान ने ओमान का प्रस्ताव ठुकरा दिया। ओमान ने कहा था कि जलडमरूमध्य को दो रास्तों में बांट दिया जाए, ताकि आधा-आधा जहाज आ-जा सकें। लेकिन ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबआबादी ने कहा कि वे ऐसे नहीं मानेंगे। उनका कहना है कि युद्ध से पहले जैसी आजादी अब कभी नहीं मिलेगी। ईरान ने अपना अलग प्रस्ताव रखा है।

पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। इस लड़ाई में चार अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बढ़ रहा है और पेंटागन ने ज्यादा पैसे मांगे हैं। तीन दिन की शांति टूटने के बाद अब फिर से हमले-जवाबी हमले का सिलसिला शुरू हो गया है।

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Published By:
 Sagar Singh
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