अपडेटेड 9 March 2026 at 08:51 IST
Iran-Israel War: US-इजरायल के साथ जारी जंग के बीच ईरान के नए उत्ताधिकारी का ऐलान, खामेनई के बेटे को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी; जानें कौन है मोजतबा?
ईरान ने मोजतबा आयतुल्लाह को नए सुप्रीम लीडर बनाने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने खामेनेई के बेटे को सर्वसम्मति से ईरान के तीसरे सर्वोच्च नेता के रूप में नियुक्त किया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका और इजरायल के साथ जारी जंग के बीच ईरान ने अपने नए उत्तराधिकारी का ऐलान कर दिया है। ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने रविवार को सर्वसम्मति से आयतुल्लाह सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई को इस्लामिक गणराज्य ईरान का नया सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) चुन लिया है। यह फैसला पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में हुई मौत के बाद लिया गया है। तो आईए जानते हैं कौन है मोजतबा आयतुल्लाह जिसके कंधे सौंपी गई है ईरान की जिम्मेदारी।
ईरान ने मोजतबा आयतुल्लाह को नए सुप्रीम लीडर बनाने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मोजतबा को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई भी दी है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स, जिसमें 88 शिया धर्मगुरु शामिल हैं, ने निर्णायक मतदान के बाद मोजतबा खामेनेई को तीसरे सर्वोच्च नेता के रूप में नियुक्त किया। यह घोषणा आधी रात के बाद की गई, जिसके बाद ईरानी मीडिया की ओर से भी इसका आधिकारिक ऐलान किया गया।
मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब देश का नया सुप्रीम लीडर मिल गया है। उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। मोजतबा का जन्म 1969 में मशहद में हुआ था। उन्होंने धार्मिक शिक्षा प्राप्त की और ईरान-इराक युद्ध के अंतिम वर्षों में रिवोल्यूशनरी गार्ड से भी जुड़े रहे। लंबे समय से वे अपने पिता के करीबी सहयोगी और अनौपचारिक सलाहकार माने जाते थे। हालांकि उनकी धार्मिक योग्यता को लेकर अक्सर विवाद भी रहा है।
कौन हैं मोजतबा हुसैनी खामेनेई?
मोजतबा खामेनेई (56 साल) आयतुल्लाह अली खामेनेई के दूसरे सबसे बड़े बेटे हैं। मोजतबा ने कभी कोई बड़ा सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन राजनीतिक हलकों में उन्हें प्रभावशाली शख्सियत माना जाता रहा है। सैन्य और अर्धसैनिक बलों के साथ उनके मजबूत संबंधों की चर्चा होती रही है। 2009 में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी उनका नाम सामने आया था। कुछ आलोचकों ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनों को सख्ती से नियंत्रित करने में उनकी भूमिका रही। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
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ईरान के विदेश मंत्री ने दी बधाई
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस फैसले को उचित बताया है। उन्होंने कहा, इस्लामिक क्रांति के तीसरे सुप्रीम लीडर के तौर पर हिज एमिनेंस अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई के सही चुनाव पर बधाई, जो कद्र की पहली मुबारक रात के साथ हुआ है। हम वादा करते हैं कि, महान ईरानी राष्ट्र के अधिकारों की रक्षा, राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को आगे बढ़ाने, और इस्लामिक क्रांति के बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, हम एक पल के लिए भी पीछे नहीं हटेंगे।
नए नेता के समर्थन के लिए अपील
वहीं,असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने ईरानी जनता से एकजुट रहने और नए नेता के समर्थन में खड़े होने की अपील की है। मोजतबा को कट्टरपंथी माना जाता है, जिससे अमेरिका, इजराइल और पश्चिमी देशों के साथ तनाव बढ़ सकता है। मोजतबा खामेनेई अब ईरान के धार्मिक, राजनीतिक और सैन्य प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे, जहां उन्हें युद्ध और आंतरिक स्थिरता जैसे बड़े चुनौतियों का सामना करना होगा। अब देखने होगा कि मोजतबा ईरान को इस मुश्किल हालात से कैसे बाहर निकालेंगे, जब अमेरिका उनकी नियुक्ता पर का कड़ा विरोध कर रहा है।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 9 March 2026 at 08:51 IST