अपडेटेड 20 March 2026 at 13:09 IST
ईरानी हमले में कतर की गैस प्रोडक्शन कैपेसिटी को भारी नुकसान, मरम्मत में लगेंगे 5 साल, लंबे समय तक रह सकती है गैस की किल्लत; समझिए क्यों
कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमलों ने दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई को काफी हद तक बाधित कर दिया है। भारत में भी लंबे समय तक गैस की किल्लत रह सकती है, समझिए कैसे
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब पूरी दुनिया में दिखने लगा है। ईरान-इजरायल युद्ध अब ऑयल वॉर में तब्दील हो गया है। ईरान न सिर्फ इजरायल पर पलटवार कर रहा है, बल्कि खाड़ी देशों को भी अपना निशाना बना रहा है। ईरान ने कतर के तेल और गैस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। इसके बाद से ग्लोबल सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। ईरानी हमले में कतर की लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यात क्षमता का लगभग 17% हिस्सा ठप कर दिया है।
कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमलों ने दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई को काफी हद तक बाधित कर दिया है। इससे देश की लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट क्षमता में 17 प्रतिशत की कमी आई है और भारत जैसे इंपोर्ट पर निर्भर देशों के लिए चिंता बढ़ गई हैं। एक आधिकारिक बयान में, QatarEnergy ने कहा कि 18 मार्च और 19 मार्च, 2026 की सुबह हुए इन हमलों से मुख्य प्रोडक्शन सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है और इससे सालाना रेवेन्यू में लगभग 20 अरब डॉलर का अनुमानित नुकसान होने की संभावना है।
ईरानी हमलों में कतर के LNG को कितना नुकसान?
कतर एनर्जी के सीईओ और ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री साद अल-काबी ने ईरान के हमलों को लेकर कहा कि कतर की कुल 14 LNG ट्रेनों में से कम से कम दो और दो गैस-टू-लिक्विड (GTL) सुविधाओं में से एक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मरम्मत कार्यों में 3 से 5 सालों तक का समय लग सकता है, जिस दौरान प्रतिवर्ष 12.8 मिलियन टन LNG का उत्पादन बाधित रहेगा। इस वजह से चीन, भारत, इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया सहित यूरोपीय और एशियाई देशों की LNG आपूर्ति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
मरम्मत में लगेंगे 5 साल तक का समय
अल-काबी ने आगे कहा कि मरम्मत में पांच साल तक का समय लग सकता है, जिसके चलते उसे कुछ LNG कॉन्ट्रैक्ट्स पर लंबे समय के लिए 'फोर्स मेज्योर' (अपरिहार्य स्थिति) घोषित करना पड़ सकता है। उन्होंने ईरानी हमलों को लेकर कहा कि, "मैंने अपने सबसे बुरे सपनों में भी नहीं सोचा था कि कतर और पूरा क्षेत्र ऐसे हमले का शिकार होगा। खासकर रमजान के पवित्र महीने में एक भाई मुस्लिम देश द्वारा इस तरह का हमला किया जाएगा।"
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भारत के साथ इन देशों को भी बड़ा नुकसान
भारत, इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन को जाने वाली LNG आपूर्ति 5 वर्ष तक प्रभावित हो सकती है। कंपनी ने पहले ही अपने पूरे LNG उत्पादन पर फोर्स मेज्योर लागू किया था, लेकिन अब यह लंबे समय तक चल सकता है। इस रुकावट से भारत के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि वह अपनी एनर्जी जरूरतों के लिए कतर पर बहुत ज्यादा निर्भर है।
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) और वाणिज्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के कुल LNG इंपोर्ट में कतर का हिस्सा लगभग आधा है। साल 2024 में, भारत ने लगभग 27.8 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) LNG इंपोर्ट की थी, जिसमें से कतर ने 11.30 MMT LNG सप्लाई की, जिसकी कीमत 6.40 अरब डॉलर थी; यह भारत के कुल LNG इंपोर्ट का लगभग 47 प्रतिशत था।
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ईरान की जवाबी कार्रवाई से हाहाकार
मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बीच, इस रुकावट से भारत के एनर्जी इंपोर्ट्स के लिए जोखिम बढ़ने की आशंका है, क्योंकि उसके सबसे बड़े सप्लायर से सप्लाई में कमी आने से घरेलू बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है। बता दें कि ईरान के ये हमले इजरायल द्वारा उसके साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में किए गए बताए जा रहे हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों का सिलसिला तेज हो गया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 20 March 2026 at 13:09 IST