अपडेटेड 11 January 2026 at 08:02 IST

पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट, शहरों की सड़कों पर धुआं-धुआं, अली खामेनेई के खिलाफ ईरान में क्या चल रहा है?

ईरान में ये सबसे बड़ा विरोध आंदोलन है, जो कई हफ्तों से चल रहा है। लोग शासन बदलाव की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार इसे दबाने की पूरी कोशिश में जुटी है। स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है। सुरक्षाबलों की कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारियों का सड़कों पर आना जारी है।

Iran में जनवरी 2026 की शुरुआत से ही बड़े पैमाने पर एंटी-गवर्नमेंट प्रदर्शन चल रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से महंगाई, आर्थिक संकट और गिरते मुद्रा मूल्य (रियाल) के कारण शुरू हुए थे। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कई शहरों में आगजनी की है। ईरान से शुरू हुए प्रदर्शन अब लंदन तक पहुंच गए हैं।

लोग इस्लामिक रिपब्लिक के शासन, देश के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। देश भर में सैकड़ों शहरों में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। तेहरान, केरमान, शिराज, मशहद, तबरेज जैसे बड़े शहरों में भारी भीड़ देखी गई है। केरमान के आजादी स्क्वायर में प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों से झड़प की और कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए। लोग पुराने शाही झंडे (शेर और सूरज वाला लायन एंड सन फ्लैग) लहरा रहे हैं, जो 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले इस्तेमाल होता था।

पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट

सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई की है, जिसमें लाइव फायरिंग, आंसू गैस और गिरफ्तारियां शामिल हैं। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं और हजारों गिरफ्तार हुए हैं। सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है ताकि प्रदर्शनकारियों का आपसी संपर्क टूट जाए और घटनाओं की जानकारी बाहर न आए।

ईरानी सरकार का रुख

ईरान की संवैधानिक परिषद के प्रवक्ता हादी तहान नजीफ ने कहा है कि शुरू में ये शांतिपूर्ण विरोध रोजी-रोटी और आर्थिक मांगों को लेकर थे, लेकिन विदेशी ताकतों खासकर अमेरिका और इजराइल ने इन्हें हिंसक दंगों में बदल दिया। सरकार का दावा है कि ये सब बाहरी साजिश है। ईरान के विदेश मंत्री सेय्यद अब्बास अरागची ने भी अमेरिका पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया कि अमेरिका ईरान को भ्रमित कह रहा है।

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अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

लंदन में ईरानी दूतावास पर प्रदर्शनकारियों ने इस्लामिक रिपब्लिक का झंडा उतारकर पुराना लायन एंड सन फ्लैग फहराया। ये विरोध ईरान के अंदर चल रहे आंदोलन से एकजुटता दिखाने के लिए था। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने X पर लिखा- "ईरानी लोगों के लिए मदद रास्ते में है। आपके साहस को राष्ट्रपति ट्रंप और आजादी पसंद लोगों ने नोटिस किया है।" उन्होंने कहा कि जब तक आयतुल्लाह सत्ता में है ईरान कभी महान नहीं हो सकता।

अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की उड़ानें सस्पेंड

स्थिति खराब होने से कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने तेहरान और अन्य शहरों के लिए उड़ानें सस्पेंड कर दी हैं। ये एयरलाइंस सुरक्षा कारणों से उड़ानें रद्द कर रही हैं और स्थिति पर नजर रख रही हैं।

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  • कतर एयरवेज (Qatar Airways)
  • एमिरेट्स (Emirates)
  • टर्किश एयरलाइंस (Turkish Airlines)
  • ऑस्ट्रियन एयरलाइंस (Austrian Airlines)
  • पेगासस (Pegasus)
  • फ्लाईदुबई (FlyDubai)

क्यों हो रहे प्रदर्शन?

ईरान में 31 प्रांत हैं और ये प्रदर्शन 27 प्रांतों में जगह-जगह हो रहे हैं। शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार में दुकानदारों की हड़ताल से हुई, जहां दुकानें बंद कर दी गईं। बाद में छात्र और आम नागरिक भी सड़कों पर उतर आए। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से आर्थिक संकट, महंगाई और मुद्रा के गिरने से शुरू हुए थे, लेकिन अब ये सरकार बदलने की मांग तक पहुंच गए हैं।

कई शहरों में लोग सुप्रीम लीडर के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारी ‘डेथ टू खामेनेई’ और 'मुल्लाओं को छोड़ना होगा देश' जैसे नारे लगा रहे हैं। सुरक्षा बल प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विरोध लगातार बढ़ रहा है। ईरान की जनता लंबे समय से मुश्किलों का सामना कर रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत 14 लाख तक पहुंच गई, जिससे महंगाई और जीवनयापन की लागत बेहद बढ़ गई।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 11 January 2026 at 08:02 IST