Iran Attack On Kuwait: ईरान ने कुवैत पर दागी मिसाइलें, एक भारतीय की मौत; बिजली-पानी संयत्र को भारी नुकसान
ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव के वजह से मिडिल ईस्ट में फंसे या कार्यरत भारतीय भी इसका शिकार हो रहे हैं। ईरान के ताजा हमले में एक और भारतीय की मौत हो गई है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष रूकने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफायर और बातचीत के सारे दावों को ईरान झूठा साबित कर रहा है। पड़ोसी मूल्क पर उसके हमले जारी है। ईरान ने कुवैत के एक बिजली और जल विलवणीकरण (desalination) संयंत्र को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी है।इस हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई और प्लांट की सर्विस बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से भारी नुकसान हो रहा है। ईरान के हमले की वजह से बड़ी संख्या में लोग हताहत भी हो रहे हैं। ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव के वजह से मिडिल ईस्ट में फंसे या कार्यरत भारतीय भी इसका शिकार हो रहे हैं। ईरान के ताजा हमले में एक और भारतीय की मौत हो गई है। यह हमला कुवैत के बिजली और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट पर बीती रात किया गया है।
ईरान के हमले में भारतीय की मौत
कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सोमवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में इस घटना की पुष्टि की। मंत्रालय की प्रवक्ता इंजीनियर फातिमा अब्बास जौहर हयात ने कहा, 'कुवैत राज्य के खिलाफ ईरानी आक्रामकता के तहत एक बिजली और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट की सर्विस बिल्डिंग पर हमला किया गया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है।'
बिजली-पानी संयत्र को भारी नुकसान
बयान के अनुसार, हमला रविवार 29 मार्च की शाम को हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मंत्रालय की आपातकालीन और तकनीकी टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। मंत्रालय ने इस हमले को ईरानी आक्रामकता करार दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हमले से बिजली या पानी की आपूर्ति पर कितना असर पड़ा है, लेकिन मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया है और मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।
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खाड़ी देशों में फंसे कई भारतीय
विदेश मंत्रालय (MEA) और भारतीय दूतावास की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बता दें कि कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इस हमले से पहले भी क्षेत्रीय संघर्ष में कई भारतीय प्रभावित हो चुके हैं।वहीं, दूसरी ओर मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार लगातार मुस्तैद है, ताकि वहां पर फंसे भारतीयों को सुरक्षित भारत लाया जा सके। बीते दिनों पीएम मोदी ने संसद में अपने संबोधन में साफ-साफ कहा था कि हमारी पहली प्राथमिकता भारतीय नागरिक हैं। जहां भी वो फंसे हों उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाएगा।