आतंकवाद के खिलाफ भारत-कजाकिस्तान आए साथ, सुरक्षा चुनौतियों का किया आकलन

भारत-तजाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कदम उठाने के लिए विचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा दोनों देशों ने सुरक्षा चुनौतियों का आकलन किया।

India Kazakhstan Military security challenges
भारत-कजाकिस्तान सैन्य सुरक्षा चुनौतियां | Image: PTI

आतंकवाद के खिलाफ भारत-तजाकिस्तान साथ आए हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक रिलीज के अनुसार भारत और कजाकिस्तान ने एक ज्वाइंट कार्य समूह की बैठक के दौरान आतंकवाद विरोधी चुनौतियों का आकलन किया। इस दौरान दोनों देशों ने दक्षिण एशिया में सीमा पार आतंकवाद पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। अस्ताना में हुई बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आतंकवादी खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें दक्षिण एशिया में राज्य प्रायोजित, सीमा पार आतंकवाद के अलावा अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियां शामिल थीं।

भारत और कजाकिस्तान ने सीमा पार और सरकार प्रायोजित आतंकवाद सहित आतंकवादी गतिविधियों से निपटने में अपने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के तौर-तरीकों पर चर्चा की है। सोमवार को अस्ताना में आतंकवाद के खिलाफ भारत-कजाकिस्तान संयुक्त कार्य समूह की पांचवीं बैठक में दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर चर्चा की।

आतंकवाद के खतरों पर दोनों देशों ने किया विचार

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “दोनों पक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आतंकवादी खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें दक्षिण एशिया में सरकार प्रायोजित और सीमा पार आतंकवाद के अलावा अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई।”

बयान में कहा गया, “दोनों पक्षों ने आतंकवाद संबंधी चुनौतियों का आकलन किया, जिसमें आतंकवादियों द्वारा नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट का दुरुपयोग और आतंक का वित्तपोषण शामिल है।”

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विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने सूचना के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संयुक्त राष्ट्र एवं शंघाई सहयोग संगठन जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के माध्यम से आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने सूचना के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संयुक्त राष्ट्र, ईएजी और एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के माध्यम से आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तारीख पर भारत में सीटी पर जेडब्ल्यूजी की छठी बैठक आयोजित करने पर सहमत हुए।

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
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