'मुझे लगा ये पक्का आतंकी हमला है, 2 मिनट तक प्लेन बेकाबू होकर नीचे गिरता रहा', ... तो एक और 9/11 होने से बच गया? विमान के अंदर का खौफनाक VIDEO
डेनियल ने कहा कि 2-3 मिनट तक प्लेन सिर्फ गोता लगा रहा था, पागलों की तरह घूम रहा था। ऐसा लगा मानो बस यह खत्म होने वाला है। 11 सितंबर फिर से हो रहा है। मुझे पक्का लगा कि यह एक आतंकी हमला था। मैंने लड़ाई के दौरान चीखें सुनीं और पायलट का खून फर्श पर देखा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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11 सितंबर 2001 का वो मनहूस दिन, जब अमेरिका की धरती पर इतिहास के सबसे भीषण आतंकी हमला हुआ था। इस हमले ने अमेरिका तो छोड़िए पूरी दुनिया को हिला कर ररख दिया था। अल कायदा से जुड़े 19 आतंकियों ने यात्री विमानों का अपहरण किया। फिर उनमें से एक विमान को ट्विन टावर्स से टकरा दिया। हमले में करीब 2977 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। आज बुधवार 30 सितंबर को यूएई से इजरायल की राजधानी तेल अवीव आ रहे एक विमान में भी कुछ ऐसी अनहोनी हुई, जिसने दुनिया को झकझोर दिया और याद आ गई 9/11 की घटना।
2 मिनट के अंदर फ्लाइट 17000 फीट नीचे गिरा?
सुबह दुबई से तेल अवीव के लिए फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट उड़ान भरती है। विमान जब 34000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा होता है तो अचानक कॉकपिट से चीखने की आवाज आने लगती है। फ्लाइट में चीख-पुकार मच जाती है। विमान में सवार यात्रियों को कुछ पता नहीं चलता है। लेकिन तभी विमान अचानक नीचे गिरने लगता है। एक यात्री ने बताया कि सिर्फ 2 मिनट के अंदर विमान करीब 17000 फीट नीचे गिर गया। लोग ऊपर वाले से जान बचने की दुआ करने लगते हैं।
कॉकपिट के अंदर को पायलट ने पायलट को चाकू मारा
फिर पता चलता है कि कॉकपिट के अंदर दो पायलटों के बीच लड़ाई चल रही है। को-पायलट ने पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। लेकिन पायलट अपनी जान पर खेलकर विमान में सवार करीब 180 यात्रियों की जान बचाने की कोशिश करता है। 2-3 इजरायली पैसेंजर कॉकपिट में घुसते हैं और चाकू मारने वाले को काबू करते हैं। टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, डेनियल नाम के इजरायली यात्री ने बताया कि प्लेन में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने फ्लाइट को कंट्रोल कर लिया।
‘2-3 इजरायली नागरिक असली हीरो बने’
डेनियल ने कहा कि 2-3 मिनट तक प्लेन सिर्फ गोता लगा रहा था, पागलों की तरह घूम रहा था। ऐसा लगा मानो बस यह खत्म होने वाला है। 11 सितंबर फिर से हो रहा है। मुझे पक्का लगा कि यह एक आतंकी हमला था। मैंने लड़ाई के दौरान चीखें सुनीं और पायलट का खून फर्श पर देखा, जिसे बाहर लाया गया था। वे तीन इजरायली लोग असली हीरो थे, जिन्होंने हमलावर को काबू किया। बाद में विमान की सऊदी अरब में इमरजेसी लैंडिंग हुई।
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दो तरह के सिग्नल कोड से हुआ कन्फ्यूजन
इजरायली मीडिया के मुताबिक, कैप्टन एक अमीराती नागरिक था और हमला करने वाला को-पायलट ओमानी था। हालांकि बाद में मीडिया में ये भी सामने आया कि पायलट भारतीय मूल का है। को-पायलट एयरलाइन के लिए एक साल से भी कम समय तक काम किया था। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक दुबई-तेल अवीव फ्लाइट से सुबह 9.30 बजे से थोड़ा पहले 7700 का एक स्क्वॉड कोड आया, जो एक इंटरनेशनल इमरजेंसी सिग्नल है। फिर थोड़ी देर बाद इसने 7500 कोड भेजा, जो हाईजैकिंग या गैर-कानूनी दखल का सिग्नल था।
दोपहर तक दोनों तरह की आशंका जताई जा रही थी कि या तो ये एक आतंकी हमला है या फिर हाईजैक करने की कोशिश थी। अगर को-पायलट हाईजैक करने में कामयाब होता तो वो क्या करता। कहीं 9/11 जैसी घटना को अंजाम देने की मंशा तो नहीं थी। यह पूछताछ में ही पता चलेगा। फिलहाल कुछ भी औपचारिक रूप से नहीं कहा गया है।
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आतंकी हमले के नजिरए से भी इजरायल जांच में जुटा
जब हाइजैकिंग की आशंका जताई जा रही थी, तब इजरायली PMO ने करीब 10.45 बजे एक बयान में कहा कि स्थिति नियत्रण में है और इजरायली यात्रियों को सुरक्षित रूप इजरायल वापस लाने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं। हालांकि इजरायल पूरे मामले की जांच कर रहा है। और सरकार ने ऐलान भी किया है कि इस हमले में शामिल सभी लोगों को सजा मिलेगी। घटना के बाद विमान में बनाए गए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसमें यात्रियों के बीच खौफ का मंजर दिख रहा है।