Gaza में आम आदमी की औकात से बाहर हुई खाने-पीने की चीजें, 2350 में बिक रहा 5 रुपये वाला Parle-G बिस्किट, 42 हजार के पार एक किलो आटा
Condition In Gaza : गाजा में मंहगाई आसमान छू गई है। आटा, चावल और सब्जियों जैसी बुनियादी चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर हो गई हैं। गाजा में महंगाई का संकट केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानवीय आपदा का हिस्सा है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

Food Crisis In Gaza : इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध की वजह से गाजा में महंगाई आसमान छू गई है। रोजमर्रा और खाने-पीने की चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है। भूख बुझाने के लिए स्थिति दिनों-दिन बदतर होती जा रही है। इजरायल ने गाजा में पहुंचने वाली मदद के रास्ते बंद कर दिए हैं और जमकर बमबारी हो रही है। जिस वजह से खाने-पीने की चीजों की किल्लत होने लगी है।
गाजा में महंगाई की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। भारत में सिर्फ 5 रुपये में बिकने वाला Parle-G बिस्किट करीब 2350 रुपये में बिक रहा है। वहां पहले इसकी कीमत करीब 145 रुपये थे। इजरायल की धुआंधार गोलीबारी की वजह से गाजा में Parle-G बिस्किट भी लक्जरी आइटम बन गया है। मोहम्मद जवाद नाम के यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया है। जवाद दावा करते हैं कि वो गाजा के रहने वाले हैं। वीडियो में जवाद के साथ एक छोटा बच्चा दिखाई दे रहा है। वो दावा करते हैं कि भारत में 5 रुपये का मिलने वाला Parle-G बिस्किट, गाजा में 2347 रुपये में बिक रहा है। हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट में ये नहीं बताया कि ये कीमत सिर्फ एक पैकेट बिस्किट की है या फिर पूरे पैक की।
करीब 43 हजार आटे की कीमत
गाजा में महंगाई का रिकॉर्ड तोड़ने वाला सिर्फ Parle-G बिस्किट ही नहीं है, यहां सब्जियों से लेकर आटे और चीनी तक हर खाने-पीने की चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर हो गई है। गाजा में आटा करीब 500 डॉलर और चीनी लगभग 90 डॉलर प्रति किलोग्राम बिक रही है। सभी बुनियादी सामान रिकॉर्ड कीमतों पर बेचे जा रहे हैं। जिन लोगों की इतने महंगे सामान खरीदने की क्षमता नहीं है, वो अपनी जरूरत की चीजें पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। कई लोग चोरी करने के लिए भी मजबूर हैं।
गाजा में बढ़ सकती है भुखमरी और महंगाई
मोहम्मद जवाद का कहना है कि इन चीजों की कीमत पिछले कुछ महीनों में बढ़ी है। आटे का एक बैग जिसकी कीमत कुछ महीने पहले सिर्फ 1 शेकेल (एक डॉलर से भी कम) थी, अब 500 यूरो में बिकता है। सीमा बंद होने और सामान सहायता के प्रवेश पर रोक लगने से कीमतें आसमान छू रही हैं और लोग भूखे मर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ये पाबंदियां नहीं हटाई गईं, तो गाजा में भुखमरी और महंगाई और बढ़ सकती है।