अपडेटेड 15 November 2025 at 14:14 IST
Rats In Space: चीन ने अंतरिक्ष में भेजे थे 4 चूहे, 2 नर और 2 मादा, अब धरती पर वापस लौटे... आखिर ड्रैगन ऐसा क्यों कर रहा?
Beijing: शुक्रवार को चार चूहे चीनी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ धरती पर लौट आए। ये चूहे अपनी वापसी यान के मलबे से हुए संभावित नुकसान के कारण निर्धारित समय से ज्यादा समय तक कक्षा में रहे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Beijing: शुक्रवार 14 नवंबर को चार चूहे चीनी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ धरती पर लौट आए। ये चूहे अपनी वापसी यान के मलबे से हुए संभावित नुकसान के कारण निर्धारित समय से ज्यादा समय तक कक्षा में रहे। चार चूहों (जिनमें दो नर और दो मादा शामिल थे) को व्यवहारिक और शारीरिक अध्ययन के लिए तुरंत शोधकर्ताओं को सौंप दिया गया।
चीनी मीडिया के अनुसार, शुरुआती विश्लेषण से पता चला है कि चूहों ने अंतरिक्ष स्टेशन में कम खाया, लेकिन ज्यादा पिया। चीनी विज्ञान अकादमी के एक शोधकर्ता ने चीनी मीडिया को बताया कि इस प्रयोग का उद्देश्य यह समझना था कि भारहीनता और सीमितता छोटे स्तनधारियों को कैसे प्रभावित करती है।
चूहों पर चौबीसों घंटे नजर रखी गई
शोधकर्ता ने बताया कि चूहों पर कक्षा में चौबीसों घंटे नजर रखी गई और बहुत ही कम समय में उन्हें सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण वातावरण के अनुकूल बना दिया गया।
शेनझोउ-20 चालक दल की वापसी में कैप्सूल की खिड़की में छोटी दरारें पाए जाने के बाद एक सप्ताह से ज्यादा समय तक देरी हुई। वे अंत में हाल ही में आए शेनझोउ-21 अंतरिक्ष यान का उपयोग करके लौटे। लाइफ साइंसेज, मैटेरियल साइंस और कंबस्टन साइंस में रिसर्च के लिए कुल 46.67 किलोग्राम नमूने पृथ्वी पर वापस लाए गए।
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चूहों को अंतरिक्ष में क्यों भेजा गया था?
अंतरिक्ष स्टेशन पर चूहों को इसलिए रखा गया था ताकि वैज्ञानिक यह समझ सकें कि अंतरिक्ष में उनका व्यवहार कैसा होता है। अब ये चूहे अपना कक्षीय (ऑर्बिटल) प्रयोग पूरा करने के बाद Shenzhou-20 अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर लौट चुके हैं। अंतरिक्ष में रहते हुए वैज्ञानिकों ने उनके खाने-पीने की आदतों, हरकतों और तनाव के लक्षणों को कई कैमरों की मदद से ध्यान से देखा।
चीनी विज्ञान अकादमी के प्राणी विज्ञान संस्थान के शोधकर्ता ली तियान्दा ने बताया कि यह मिशन धरती पर की जाने वाली तैयारी से लेकर अंतरिक्ष में प्रयोग करने तक के पूरे सफर का हिस्सा है। यह भविष्य में अंतरिक्ष में जीव विज्ञान अनुसंधान करने की दिशा में पहला बड़ा कदम है।
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Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 15 November 2025 at 14:14 IST