क्या जंग के बीच ईरान को सैकड़ों हथियार भेज रहा चीन? रिपोर्टर के सवाल पर जिनपिंग पर भड़क गए थे ट्रंप, अब ड्रैगन का आया जवाब
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री ने रॉयटर्स की उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि बीजिंग ईरान को 300 से 400 कंधे से दागे जाने वाले एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर भेजेगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री ने रॉयटर्स की उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि बीजिंग ईरान को 300 से 400 कंधे से दागे जाने वाले एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर भेजेगा।रॉयटर्स ने कहा था कि इन हथियारों की कीमत 60 से 70 मिलियन डॉलर के बीच है।
मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने शिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया, "ये खबरें झूठी और पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। चीन की भूमिका हमेशा शांति को बढ़ावा देने और संघर्ष को खत्म करने की रही है।"
ट्रंप ने कहा था- जिनपिंग से निराशा...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अगर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ईरान को हथियार देते हैं तो उन्हें काफी निराशा होगी।
अमेरिकी मीडिया ने पहले खबर दी थी कि अमेरिकी खुफिया जानकारी से संकेत मिला है कि चीन ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी कर रहा है, ऐसे समय में जब तेहरान प्रमुख विदेशी सहयोगियों की मदद से कुछ हथियार प्रणालियों को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
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ईरान ने दो यूरोपीय देशों को चेतावनी दी
दूसरी तरफ, ईरान ने दो यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिका को अपने बेस का इस्तेमाल करके इस्लामिक रिपब्लिक पर हमला करने की इजाजत न दें। ईरान और साइप्रस के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर हुई बातचीत में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस बात पर जोर दिया कि साइप्रस में मौजूद विदेशी सैन्य बेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए करने से दुश्मन ताकतों को रोकना जरूरी है।"
उन्होंने कहा कि अगर कोई देश अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए करने देता है, तो यह आक्रामक कार्रवाई में शामिल होने जैसा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कॉम्बोस् ने कहा कि उनकी सरकार को यूनाइटेड किंगडम से भरोसा दिलाया गया है कि साइप्रस में मौजूद विदेशी सैन्य बेस का इस्तेमाल ईरान समेत किसी भी देश के खिलाफ नहीं किया जाएगा।