1 घंटे में ताइवान का काम तमाम! एक्सपर्ट ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी, कहा- 'अमेरिका देखता रह जाएगा...'

China-Taiwan Conflict: रूस-यूक्रेन युद्ध की भविष्यवाणी करने वाले मिलिट्री एक्सपर्ट ने अब ताइवान-चीन को लेकर भविष्यवाणी कर दी है।

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रूस-यूक्रेन युद्ध की भविष्यवाणी करने वाले मिलिट्री एक्सपर्ट ने अब ताइवान-चीन को लेकर भविष्यवाणी कर दी है | Image: Chinamil

China-Taiwan Conflict: रूस-यूक्रेन युद्ध की भविष्यवाणी करने वाले मिलिट्री एक्सपर्ट ने अब ताइवान-चीन को लेकर भविष्यवाणी कर दी है। मिलिट्री एक्सपर्ट ने कहा है कि अगर चीन चाहे तो केवल 1 घंटे में ही ताइवान पर पूरी तरह से कब्जा कर सकता है।

मिलिट्री एक्सपर्ट ने बताई पूरी टाइमलाइन

मिलिट्री एक्सपर्ट दिमित्री अल्परोविच ने कहा है कि सबसे पहले 15 मिनट में अंदर चीन ताइवान के एयरपोर्ट्स पर कब्जा करेगा और फिर अगले 30 मिनट में ही चीन के सैनिक पूरी राजधानी पर कब्जा कर लेंगे। आपको बता दें कि पिछले दिनों ताइवान के आसमानों में चीन के जेट्स दिखाई पड़े थे। ये भी सूचना मिली थी कि चीन ने ताइवान को पूरी तरह से घेर लिया है। इस बीच चीन ने ये चेतावनी भी जारी कि थी कि अगर ताइवान आजादी का झंडा उठाए घूमेगा तो फिर उसकी औकात दिखाने में हमें ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।

कुछ नहीं कर पाएगा अमेरिका

दिमित्री अल्परोविच ने अपनी किताब में लिखा है कि चीन ने ताइवान के पास व्यापक युद्धाभ्यास किया। उसके सैनिक अभी तक आइलैंड के पास मंडरा रहे हैं। दर्जनों युद्धपोत और जेट के जरिए 15 मिनट से भी कम समय में चीन ताइवान में घुस सकता है। ताइवान पर चीन का हमला इतना भयानक होगा कि अमेरिका को संभलने तक का वक्त नहीं मिलेगा। जब तक अमेरिका रिएक्ट करेगा, ताइवान पर चीन का कब्जा हो जाएगा और अमेरिका कुछ नहीं कर पाएगा। आपको बता दें कि अगर ताइवान पर चीन का कब्जा हो जाता है तो इससे पूरी दुनिया संकट में आ सकती है। इसका कारण ये है कि ताइवान दुनिया के 70% सेमीकंडक्टर का निर्माण करता है और चीन के कब्जे के बाद पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ेगा।

ताइवान पर चीन का कब्जा बन सकता है अमेरिका के लिए मुसीबत

पिछले सालों में अमेरिका ने ताइवान को कई हथियार भेजे हैं। हाल ही में, ताइवान के राष्ट्रपति से मुलाकात कर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें और अधिक अमेरिकी हथियार भेजने का आश्वासन दिया है। आपको बता दें कि अगर चीन ताइवान पर कब्जा करता है तो इसका मतलब होगा अमेरिका से डायरेक्ट युद्ध। इसका कारण ये है कि अमेरिका ने ताइवान में काफी निवेश किया है और वो आसानी से ताइवान मामले में चुप नहीं बैठेगा।

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 Kunal Verma
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