Iran-Israel War: 'खून का बदला खून...', टॉप कमांडर अली लारीजानी की मौत से बौखलाए ईरान ने भरी हुंकार
तेहरान में अमेरिका-इजरायल के हमलों में अली लारीजानी अपने बेटे मोर्तेजा लारीजानी, SNSC के डिप्टी अलीरेजा बायात और कई सुरक्षा कर्मियों के साथ मारे गए। लारीजानी की मौत से बौखलाए ईरान ने बड़ा ऐलान कर दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव औरटॉप कमांडर अली लारीजानी की इजरायली हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरान ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है और उन्हें शहीद घोषित किया है। लारीजानी की मौत से पूरे ईरान में शोक की लहर है। ईरानी राष्ट्रपति ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। अपने नेता का शोक मनाने के लिए भारी संख्या में आम लोग सड़कों पर उतर आए हैं। लारीजानी की मौत से बौखलाए ईरान ने बड़ा ऐलान कर दिया है।
तेहरान में सोमवार को अमेरिका-इजरायल के हमलों में अली लारीजानी अपने बेटे मोर्तेजा लारीजानी, SNSC के डिप्टी अलीरेजा बायात और कई सुरक्षा कर्मियों के साथ मारे गए। इजरायल ने इसे एक बड़ी सफलता बताते हुए पुष्टि की कि लारीजानी, जो सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के वास्तविक नेता माने जा रहे थे, को निशाना बनाया गया। देर रात ईरान ने लारीजनी की मौत की पुष्टि की और उन्हें शहीद का दर्जा दिया।
अब दुश्मन बड़े बदले का इंतजार करे
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए लारीजानी को गुणी, अनमोल और प्रिय भाई के साथ- साथ उत्कृष्ट हस्ती करार दिया। उन्होंने इस्लामिक गणराज्य की सेवा में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और व्यापक योगदान दिया। राष्ट्रपति ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, "उन आतंकवादी अपराधियों का इंतजार एक बड़ा बदला कर रहा है, जिन्होंने अपने गंदे हाथों को बेगुनाहों के खून से रंगा है।
ईरानी राष्ट्रपति ने लारीजानी को शहीद करार दिया
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने इस्लामिक परामर्श दात्री सभा में उनके साथ अपने रिश्ते और सुरक्षा परिषद में लारीजानी के हालिया नेतृत्व को पर बोलते हुए कहा कि उन्होंने उलारीजानी में सद्भावना, गहरी अंतर्दृष्टि, साथ और दूरदर्शिता के अलावा कुछ भी नहीं देखा। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी हस्ती की जगह किसी को लेना मुश्किल है। उन्होंने आगे कहा कि लारीजानी का खून मानव इतिहास के सबसे अपराधी शासन द्वारा बहाया गया था, फिर भी क्रांति की हस्तियों के बीच स्थान पाना उनकी योग्यता और इस प्रिय भाई की लंबे समय से संजोई गई इच्छा थी।"
Advertisement
राष्ट्रपति ने कहा कि लारीजनी ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का विस्तार करने तथा इस्लामिक राष्ट्रों के बीच सहानुभूति को बढ़ावा देने और भाईचारे को मजबूत करने के लिए अपना पूरा प्रयास किया। संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालिबफ ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की, यह कहते हुए कि ऐसा अंत एक ऐसा लिबास है जो हर किसी को फिट नहीं आता। उन्होंने इसे एक ऐसी कला बताया जो ईश्वर के बंदों को - जो अपने वादों के प्रति सच्चे और अडिग हैं - दूसरों से अलग करती है।
खून का बदला खून से लिया जाएगा
ईरान ने साफ कर दिया कि शहीद के खून का बदला खून से लिया जाएगा। घटना के जवाब में ईरान ने बुधवार तड़के इजरायल पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले शुरू कर दिए। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने इसे लारीजानी की शहादत का बदला बताते हुए "मिसाइल हमलों की 61वीं लहर" की घोषणा की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल अवीव सहित इजरायल के केंद्रीय इलाकों में हमलों से भारी तबाही हुई, जिसमें कम से कम दो लोग मारे गए और कई स्थानों पर क्षति पहुंची। हालांकि, कुछ मिसाइलों को बहरीन, कतर, यूएई और सऊदी अरब ने इंटरसेप्ट किया।