अपडेटेड 18 March 2026 at 09:29 IST
Ali Larijani: ईरान के लिए कितना जरूरी थे अली लारीजानी? पर्दे के पीछे से चला रहे थे हुकूमत, इजरायली हमले में बेटे के साथ मौत की पुष्टि
अमेरिका-इजरायल के साथ जारी जंग के बीच अली लारिजानी की मौत से ईरान का बड़ा झटका लगा है, क्योंकि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद लारीजानी देश की सुरक्षा और विदेश नीति के निर्णयकर्ता बन चुके थे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान ने अपने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी की मौत की पुष्टि कर दी है। तेहरान में अमेरिका-इजरायल के एयरस्ट्राइक में ईरान के शीर्ष अधिकारी अली लारिजानी मारे गए। IDF ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव लारिजानी को पहले निशाना बनाने की पुष्टि की थी। अब ईरान की ओर से भी इसकी पुष्टि हो गई है। लारिजानी की मौत इस्लामिक गणराज्य के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। वो इस जंग में एक अहम भूमिका निभा रहे थे। ऐसे में आईए जानते हैं कि अली लारीजानी के जानें से ईरान को कितना बड़ा नुकसान हुआ है।
अमेरिका-इजरायल के साथ जारी जंग के बीच अली लारिजानी की मौत से ईरान का बड़ा झटका लगा है, क्योंकि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद लारीजानी देश की सुरक्षा, रक्षा और विदेश नीति के सबसे प्रभावशाली निर्णयकर्ता बन चुके थे। लारिजानी को लंबे समय से ईरान की सुरक्षा और रणनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभाने वाला नेता माना जाता है। वो पर्दे के पीछे से ईरान की हुकूमत चला रहे थे। ऐसे में ईरान के लिए ये बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
हमले में लारीजानी के साथ बेटे मोर्तजा की भी मौत
हमले में लारीजानी के साथ उनके बेटे मोर्तजा लारीजानी, कार्यालय प्रमुख अलीरेजा बयात और कई बॉडीगार्ड भी मारे गए। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, हमला तेहरान के उपनगरीय इलाके में उनकी बेटी के घर पर हुआ, जबकि विदेशी मीडिया यह भी दावा कर रही है कि यह हमला बसिज फोर्स की बैठक के दौरान किया गया । साथ ही, बसिज फोर्स के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी की भी इसी हमले में मौत हुई है।
ईरान ने की लारीजानी की मौत की पुष्टि
ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने शोक संदेश जारी करते हुए कहा, "शहीद अली लारीजानी की पवित्र आत्मा का स्वागत ईश्वर के धर्मनिष्ठ सेवकों ने किया है। उन्होंने इस्लामिक क्रांति और ईरान की प्रगति के लिए आजीवन संघर्ष किया और अंततः शहादत का दर्जा प्राप्त किया। अपनी लंबे समय से संजोई हुई इच्छा पूरी की, ईश्वरीय आह्वान का उत्तर दिया और सेवा के मोर्चे पर सम्मानपूर्वक शहादत का सौभाग्य प्राप्त किया।"
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कौन थे अली लारीजानी?
अली लारीजानी ईरान के सबसे प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवारों में से एक से ताल्लुक रखते थे, जिनकी तुलना अक्सर अमेरिका के कैनेडी परिवार से की जाती है। उनके भाई सादेक लारीजानी न्यायपालिका प्रमुख रह चुके हैं, जबकि मोहम्मद जवाद लारीजानी विदेश नीति के वरिष्ठ सलाहकार हैं। इजरायली हमले में ईरान के सर्वोच्य नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उत्तराधिकार की बहस में लारीजानी का नाम सबसे आगे चल रहा था। हालांकि बाद में आयतुल्लाह के बेटे को ईरान का सर्वोच्य नेता चुना गया।
लारीजानी ने संभाले थे कई अहम पद
- 2008 से 2020 तक ईरान की संसद (मजलिस) के स्पीकर
- सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव, जो देश की रक्षा और विदेश नीति के सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है
- आयतुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार
लारीजानी की मौत से ईरान को कितना नुकसान?
अली लारीजानी की मौत ईरान के लिए गंभीर नेतृत्व संकट पैदा कर सकती है। लारीजानी अनुभवी नीति-निर्माता थे, जो पश्चिम के साथ बातचीत में भी भूमिका निभा सकते थे। उनकी अनुपस्थिति मे युद्ध की रणनीति में अस्थिरता आ सकती है। बदले की कार्रवाई और तेज हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध को और लंबा खींच सकता है, क्योंकि लारीजानी संभावित संघर्ष-विराम के लिए महत्वपूर्ण थे।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 18 March 2026 at 09:16 IST