बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के बुरे दिन शुरू? राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खोला कच्चा चिठ्ठा
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस पर संविधान की धज्जियां उड़ाने और कायदे-कानून तोड़कर अपनी मनमानी करने का आरोप लगाया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

Bangladesh: बांग्लादेश में नई सरकार के गठित होते ही राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया है। उन्होंने अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान पूर्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस पर राष्ट्रपति पद को दरकिनार करने का आरोप लगाया। शहाबुद्दीन ने कहा कि युनूस ने संविधान की धज्जियां उड़ाई और कायदे-कानून तोड़कर अपनी मनमानी की।
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी की सरकार बनने के बाद यह आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि युनूस ने पद संभालते हुए न ही संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें अहम और महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान वह 14 से 15 विदेश दौरों पर गए लेकिन उन्हें एक भी यात्रा के बारे में सूचित नहीं किया।
बिना बताए विदेश यात्रा रद्द की गई- शहाबुद्दीन
शहाबुद्दीन ने कहा कि शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद उन्हें हटाने की लगातार कोशिश हुई। यहां तक कि उनके कोसोवो और कतर के विदेश दौरे तक को रद्द कर दिया गया। एक ऐसा पत्र बनाया गया जिसमें लिखा गया कि मैं काम में व्यस्त हूं, जिस कारण से यात्रा संभव नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे कुछ पूछा भी नहीं जाता। उनका आरोप है कि उनकी छवि बिगाड़ने की कोशिश की गई।
मुझे अंधेरे में रखने की कोशिश हुई- राष्ट्रपति
बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने आगे कहा कि मोहम्मद यूनुस को मुख्य सलाहकार बनाने में उनकी बड़ी भूमिका थी। इसके बाद भी वह नजरअंदाज करते थे। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर उन्हें किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई। युनूस ने उनके राष्ट्रपति के संवैधानिक दायित्व को दरकिनार किया। साथ ही दावा किया कि यूनुस उनसे मिलने कभी नहीं गए और उन्हें अंधेरे में रखने की कोशिश की।
Advertisement
‘बांग्लादेशी दूतावासों से तस्वीरें हटा दी गईं’
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशों में बांग्लादेशी दूतावासों से उनकी तस्वीरें तक हटा दी गई। शहाबुद्दीन ने दावा किया कि उनका प्रेस विभाग और फोटोग्राफर हटा दिया गया, जिससे वह स्वतंत्र रूप से प्रेस रिलीज जारी नहीं कर पा रहे थे। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई देने के लिए संदेश जारी करने की अनुमति तक नहीं थी। उन्होंने खुलासा किया कि वह राष्ट्रपति भवन में ही सीमित होकर रह गए थे।
शहाबुद्दीन के मुताबिक, यूनुस ने राष्ट्रपति की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम किया और इस पद की पहचान को भी कमजोर करने की कोशिश की। उनके इस बयान के बाद ढाका की राजनीति में हलचल बढ़ सकती है।