Sheikh Hasina: कैसे बचेंगी बांग्लादेश की पूर्व PM हसीना? पहले फांसी और अब अदालत ने भ्रष्टाचार के 3 मामलों में सुनाई 21 साल जेल की सजा
ढाका की एक कोर्ट ने गुरुवार, 27 नवंबर को पूर्व पीएम शेख हसीना को भ्रष्टाचार के तीन मामलों में 21 साल के कारावास की सजा सुनाई है। जानें क्या है पुर्बाचल न्यू सिटी प्रोजेक्ट घोटाला जिसमें शेख हसीना को मिली सजा...
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना लगातार मुश्किलें में घिरती नजर आ रही है। अब एक अदालत ने शेख हसीना को भ्रष्टाचार के तीन मामलों में 21 साल की जेल की सजा सुनाई है। शेख हसीना को अलग-अलग तीन मामलों में ये सजा सुनाई गई है। इससे पहले शेख हसीना को बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है।
ढाका की एक कोर्ट ने गुरुवार, 27 नवंबर को पूर्व पीएम शेख हसीना को भ्रष्टाचार के तीन मामलों में 21 साल के कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश मोहम्मद अब्दुल्लाह अल मामून की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। तीन अलग-अलग मामलों में यह सजा सुनाई गई है। हर मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई, जो एक साथ चलेगी।
शेख हसीना को 21 साल की सजा
शेख हसीना को तीन प्लॉट फ्रॉड केस में 7-7 साल की सजा, 21 साल की कारावाल की सजा सुनाई गई है। बांग्लादेश के एंटी-करप्शन कमीशन (ACC) ने पिछले साल जनवरी में शेख हसीना और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ ढाका के पुरबाचल इलाके में कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से सरकारी प्लॉट अलॉट करने के लिए छह अलग-अलग केस फाइल किए थे। बाकी तीन केस में फैसला 1 दिसंबर को सुनाया जाएगा।
इस केस में सुनाई गई सजा
शेख हसीना को पुर्बाचल न्यू सिटी प्रोजेक्ट घोटाले (Purbachal Plot Scam) में सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय को पांच साल जेल और 100,000 Tk(टाका) के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं उनकी बेटी साइमा वाजेद पुतुल को पांच साल जेल की सजा सुनाई।
Advertisement
जानकारी के मुताबिक, यह मामला ढाका के पुर्बाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में सरकारी जमीनों के अवैध आवंटन से जुड़ा है। आरोप है कि शेख हसीना ने बिना किसी आवेदन के अपने परिवार के नाम पर 30 कट्ठा से ज्यादा सरकारी जमीन अवैध रूप से आवंटित करवाई थी, जो पूरी तरह कानून के दायरे से बाहर था।
बेटे और बेटी को भी मिली सजा
शेख हसीना और उनके परिवार के पास इन मामलों में कोई वकील नहीं था क्योंकि वे फरार थे। हालांकि, उन्होंने अलग-अलग भाषणों और बयानों में किसी भी तरह के करप्शन के आरोपों में शामिल होने से इनकार किया है। बता दें कि हसीना इस वक्त बांग्लादेश में नहीं है। वह एक साल से ज्यादा समय से भारत में रह रही हैं। बीते दिनों कोर्ट का फैसला आने के बाद बांग्लादेश भारत को उन्हें वापस भिजवाने के लिए दवाब बना रहा है।