मौत के 4 महीने बाद निकलेगा अली खामेनेई का जनाजा, मशहद में होंगी सुपुर्द-ए-खाक रस्में, शुरू हुआ कई दिन चलने वाला आयोजन, यहां जानें सब कुछ
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार शुरू हो रहा है। युद्ध के बाद अब उनके शव को तेहरान से कोम, करबला होते हुए मशहद में दफनाया जाएगा। लाखों लोग श्रद्धांजलि देंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। यह ईरान की नई सरकार और नए लीडर मोजतबा खामेनेई के लिए बड़ी परीक्षा है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Iran Supreme Leader Funeral: ईरान के सबसे ताकतवर नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत अमेरिका और इजरायल के साथ हुए युद्ध की शुरुआत में हुई थी। अब उनके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। यह संस्कार कई दिनों तक चलेगा। लाखों लोग इसमें शामिल हो सकते हैं।
अली खामेनेई की मौत के कई महीनों बाद उनका अंतिम संस्कार शुरू हो रहा है। जुलाई में कई दिनों तक चलने वाले शोक समारोहों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें उनके शरीर को ईरान और इराक के अलग-अलग शहरों में ले जाया जाएगा। आशंका है कि ईरान की धार्मिक सरकार जनता, सरकारी कर्मचारियों और अर्धसैनिक बलों को उनके सम्मान में सड़कों पर उतरने के लिए प्रोत्साहित करेगी।PC
लगभग चार दशकों तक ईरान का नेतृत्व करने वाले खामेनेई की 28 फरवरी को उस समय हत्या कर दी गई जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से युद्ध शुरू किया था। युद्ध जारी रहने के कारण उनका अंतिम संस्कार स्थगित कर दिया गया था। अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई है, तेहरान भर में बैनर लगे हुए थे।
भगदड़ मचने का खतरा
अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में लाखों लोगों के शामिल होने की आशंका है। भारी भीड़ के कारण भगदड़ मचने का खतरा भी बढ़ सकता है। ईरान के पहले सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार के दौरान भी ऐसी ही भगदड़ मची थी। इस अफरा-तफरी में कम से कम आठ लोग मारे गए और लगभग 11,000 लोग घायल हुए थे।
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2020 में कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार में भी ऐसी घटना हुई थी। जिसमें कम से कम 56 लोग मारे गए थे और 2000 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसलिए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मोजतबा खामेनेई की उपस्थिति स्पष्ट नहीं
अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन अभी भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता, खामेनेई के बेटे अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम सफर के दौरान अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराएंगे या नहीं। माना जाता है कि अपने पिता की हत्या करने वाले हमले में युवा खामेनेई घायल हो गए थे और अभी भी छिपकर रह रहे हैं।
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अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
खामेनेई का पार्थिव शरीर शनिवार और रविवार को तेहरान के ग्रैंड मोसाला में दर्शन के लिए रखा जाएगा। सोमवार को इसे तेहरान की सड़कों पर जुलूस के रूप में निकाला जाएगा, जिसके बाद इसे दक्षिण में लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित शिया मदरसा शहर कोम ले जाया जाएगा। मंगलवार को वहां खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
बुधवार को खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के कर्बला ले जाया जाएगा, जहां पैगंबर मुहम्मद के पोते इमाम हुसैन का मकबरा है। इसके बाद खामेनेई को ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद लाया जाएगा। दफन 9 जुलाई को होने की संभावना है। पूरे कार्यक्रम में लाखों लोग शामिल हो सकते हैं।
खामेनेई को कहां दफनाया जाएगा?
अधिकारियों का कहना है कि खामेनेई को मशहद में इमाम रजा तीर्थस्थल पर दफनाया जाएगा। इमाम रजा शिया इस्लाम के आठवें इमाम थे। हर साल लाखों तीर्थयात्री इस दरगाह पर दर्शन करने आते हैं। एक हदीस के अनुसार, यहां आने से किसी भी दुखी व्यक्ति या पापी को मुक्ति मिल जाती है।
कई प्रमुख शिया धर्मगुरुओं को वहां दफनाया गया है, जिनमें ईरान के दिवंगत राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी भी शामिल हैं, जिनकी 2024 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी।
खामेनेई कौन थे?
अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता थे, जिन्होंने लगभग 40 साल तक देश की कमान संभाली। वे ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद की व्यवस्था के प्रमुख चेहरे थे। उनकी मौत युद्ध की शुरुआत में हुई, जिसके बाद युद्ध के चलते अंतिम संस्कार टाल दिया गया था। अब एक अंतरिम समझौते के बाद यह समारोह हो पा रहा है। यह आयोजन ईरान की शिया परंपरा, राजनीतिक स्थिरता और क्षेत्रीय प्रभाव को दर्शाता है।