Meta को मोदी सरकार ने दिया झटका, इंस्टाग्राम विज्ञापन में चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज को बढ़ावा देने वाले कंटेंट दिखाए जाने के आरोपों पर किया तलब
मेटा को भारत सरकार ने नोटिस जारी किया है, क्योंकि इंस्टाग्राम एड्स में चाइल्ड रेप और चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज वाला कंटेंट दिखाने के बड़े आरोप लगे हैं। जानें क्या है पूरा मामला, पूरी डिटेल पढ़ें
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Meta Child Sexual Exploitation: इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है कि भारत सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया है। दरअसल, इंस्टाग्राम भारत में पैसे लेकर ऐसे विज्ञापन चला रहा है, जिनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट दिखाया जा रहा है। इन विज्ञापनों में 'रेप वीडियो' और 'चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज' मटीरियल परोसा जा रहा है। यूजर्स को विज्ञापन के माध्यम से सीधे टेलीग्राम चैनलों के लिंक दिए जा रहे थे, जहां ऐसी सामग्री सिर्फ 99 रुपये में देखी जा सकता है।
'चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज' मटीरियल देखा गया
इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में बड़ा खुलासा हुआ था कि, इंस्टाग्राम पैसे लेकर ऐसे विज्ञापन चला रहा है, जिनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट दिखाया जा रहा है। इन विज्ञापनों में 'रेप वीडियो' और 'चाइल्ड वीडियो' जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, ऐसा भी सामने आया। यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों के सीधे लिंक दिए जा रहे थे, जहां ऐसा कंटेंट सिर्फ 99 रुपये में मिल रहा है।
जांच करने के लिए कुछ विदेशी मीडिया ने फेक अकाउंट बनाया, जिसमें शुरू में सेक्सुअली सजेस्टिव कंटेंट फॉलो करने पर फीड में धीरे-धीरे और ज्यादा खतरनाक विज्ञापन आने लगे। कुछ ही दिनों में बच्चों को बड़ों के साथ यौन संबंधों में दिखाने वाले विज्ञापन भी दिखाई देने लगे। कुल मिलाकर 30 ऐसे विज्ञापन फीड में आए, जिनमें बाल यौन शोषण और हिंसा की सामग्री को बढ़ावा दिया जा रहा था।
मेटा ने दी थी सफाई
इसके बाद एक विज्ञापन की शिकायत इंस्टाग्राम को की, तो शुरू में कंपनी ने कहा कि ये उनकी कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन नहीं करता। 24 घंटे बाद जवाब आया। बाद में मेटा ने बताया कि उन्होंने कई विज्ञापन डिसेबल कर दिए, अकाउंट्स सस्पेंड किए और संबंधित यूआरएल ब्लॉक कर दिए है। मेटा का कहना है कि उनका सिस्टम परफेक्ट नहीं है, लेकिन वे प्रोएक्टिव टेक्नोलॉजी से ऐसे कंटेंट ढूंढते रहते हैं। कंपनी ने ये भी कहा कि बच्चों के शोषण से जुड़े मामले मिलने पर वे नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (एनसीएमईसी) को रिपोर्ट करते हैं।
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मेटा की कमाई का मॉडल आया सामने
सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए जस्टिस मदन लोकूर ने इस रिपोर्ट पर गहरी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम 'आपराधिक गतिविधि में शामिल होकर पैसे कमा रहा है'। उन्होंने सुझाव दिया कि सुप्रीम कोर्ट को खुद इस मुद्दे पर संज्ञान लेना चाहिए। पूर्व फेसबुक वाइस प्रेसिडेंट ब्रायन बोलेंड ने भी बताया था कि, इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम यूजर्स को थोड़ा-थोड़ा एक्सट्रीम और यौन सामग्री दिखाकर उन्हें प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है। उनका मानना है कि रेवेन्यू बढ़ाने के चक्कर में सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है।
मेटा के लिए विज्ञापन कमाई का जरिया
बतादें मेता के लिए विज्ञापन ही सबसे बड़ी कमाई का जरिया है। 2025 में कंपनी के कुल रेवेन्यू का 98 प्रतिशत हिस्सा विज्ञापनों से आया, इस रिपोर्ट के बाद विशेषज्ञों ने सरकार से मेटा को सख्त नोटिस जारी करने और प्लेटफॉर्म पर बेहतर निगरानी की मांग तेज कर दी है। तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की निदेशक शिखा गोयल के मुताबिक मेटा के प्लेटफॉर्म से सबसे ज्यादा टिपलाइन्स आती हैं। भारत 2025 में एनसीएमईसी को 19 लाख रिपोर्ट भेजने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश रहा।
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टेलीग्राम ने भी 2026 में बाल यौन शोषण से जुड़े 2 लाख 74 हजार ग्रुप और चैनल हटाए हैं, लेकिन कुछ चैनल अभी भी सक्रिय हैं। इस तरह की रिपोर्ट सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पैसे कमाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता बिल्कुल नहीं होना चाहिए। सरकार को जल्द से जल्द सख्त नियम बनाने चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। यूजर्स को भी सतर्क रहना होगा और संदिग्ध कंटेंट तुरंत रिपोर्ट करना चाहिए।