Iran-Israel War: युद्ध के बावजूद ईरान ने चीन समेत इन देशों को भेजा लाखों बैरल तेल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे 90 जहाज
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के बड़े पैमाने पर हमलों के बीच ईरान लाखों बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अलग-अलग देशों के 90 जहाज गुजरे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान पर अमेरिका और इजराइल के बड़े पैमाने पर हमले जारी है। IDF की ओर से बुधवार को भी ईरान के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है। इस बीच एक रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के बावजूद ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लाखों बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा है। अलग-अलग देशों के लगभग 90 जहाज यहां से गुजरे हैं।
समुद्री और व्यापार डेटा प्लेटफॉर्म के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से तेल टैंकरों सहित लगभग 90 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे हैं। ऐसे समय में जब यह जलमार्ग प्रभावी रूप से बंद हो चुका है, तब भी ईरान लाखों बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा है। समुद्री डेटा फर्म लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस ने बताया कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई जहाज तथा कथित 'डार्क' ट्रांज़ट थे।
इन देशों के जहाज को मिली जाने की इजाजत
ये जहाज पश्चिमी सरकारों के प्रतिबंधों और निगरानी से बच रहे थे और संभवत इनका ईरान से कोई संबंध था। हाल ही में, भारत, चीन और पाकिस्तान से जुड़े जहाज भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार कर पाए हैं, क्योंकि इन देशों की सरकारों ने ईरान से बातचीत तेज कर दी है। दूसरी ओर जब कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों और व्यापारिक साझेदारों पर दबाव डाला कि वे युद्धपोत भेजें और इस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलें, ताकि तेल की कीमतें कम हो सकें।
जानें होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जो वैश्विक तेल और गैस परिवहन का एक प्रमुख जलमार्ग है और दुनिया के कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा यहीं से गुजरता है, वहां युद्ध शुरू होने के बाद से यानी मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश जहाजों की आवाजाही रुक गई है। इस क्षेत्र में लगभग 20 जहाजों पर हमले हुए हैं।
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समुद्री और व्यापार डेटा प्लेटफॉर्म के आंकड़े
हालांकि, व्यापार डेटा और एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म Kpler के अनुमान के अनुसार, ईरान मार्च की शुरुआत से अब तक 16 मिलियन बैरल से भी ज्यादा तेल एक्सपोर्ट करने में कामयाब रहा है। पश्चिमी प्रतिबंधों और उनसे जुड़े जोखिमों के कारण, चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।1 मार्च से 15 मार्च के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कम से कम 89 जहाज गुजरे जिनमें 16 तेल टैंकर शामिल थे। यह संख्या युद्ध से पहले के दिनों की तुलना में काफी कम है, यहां से प्रतिदिन लगभग 100 से 135 जहाज गुजरा करते थे।