दुनिया की सबसे ताकतवर फोटो, एक मंच पर PM Modi, जिनपिंग और पुतिन, शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं का फोटो सेशन
SCO Summit 2025: चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग ने शिखर सम्मेलन के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। इस दौरान सदस्य देशों के अन्य राष्ट्राध्यक्षों का भी जिनपिंग ने स्वागत किया। इसके बाद शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं का फोटो सेशन हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य राष्ट्राध्यक्ष/शासनाध्यक्ष शामिल हुए।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

SCO Summit 2025, PM Modi in China: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के दौरे पर है। चीन के शहर तियानजिन में हो रहे इस शिख सम्मेलन में SCO के सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहुंच गए हैं। इस बीच एक शानदार और दुनिया की सबसे ताकतवर तस्वीर सामने आई है।
जी हां, चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन का आगाज हो चुका है। इस खास मौके पर चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग ने अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ शिखर सम्मेलन के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। इस दौरान सदस्य देशों के अन्य राष्ट्राध्यक्षों का भी जिनपिंग ने स्वागत किया। इसके बाद शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं का फोटो सेशन हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य राष्ट्राध्यक्ष/शासनाध्यक्ष शामिल हुए।
SCO Summit से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात
वहीं, SCO Summit से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई और द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक सीमा पर शांति, व्यापार में सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने इस दौरान सीमा पर शांति, आपसी सहयोग और संबंधों की मजबूती पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने अक्टूबर 2024 में कजान में हुई पिछली मुलाकात के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में आए “सकारात्मक माहौल” का स्वागत किया और स्पष्ट किया कि भारत और चीन विकास के साथी हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के लिए अनिवार्य बताया। दोनों नेताओं ने पिछले साल हुए डिसएंगेजमेंट पर संतोष जताया और सीमा विवाद का न्यायसंगत और स्वीकार्य समाधान निकालने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए वीजा सुविधा, सीधी उड़ानों और कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली पर जोर दिया। इसके अलावा व्यापार घाटा कम करने और निवेश बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
Advertisement
रणनीतिक स्वायत्तता और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग की बातचीत
इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और चीन दोनों अपनी रणनीतिक स्वायत्तता का पालन करते हैं और उनके रिश्तों को किसी तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। दोनों नेताओं ने आतंकवाद और निष्पक्ष व्यापार जैसे वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा, "पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई जिसने हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा दी। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का माहौल बना है।"
ये भी पढ़ें - कैलाश मानसरोवर से लेकर इंडिया टू चाइना डायरेक्ट फ्लाइट तक...ट्रंप के 'टैरिफ धमकी' के बीच मोदी-जिनपिंग में क्या हुई डील