कौन है सैफुल्लाह कसूरी और इनाम उर रहमान, जो शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में हुए शामिल, पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड और 26/11 में रही भूमिका
शोएब अख्त के भाई के जनाजे का एक वीडियो सामने आते ही भारत में बहस इसलिए छिड़ गई है क्योंकि इस जनाजे में पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड और 26/11 मुंबई हमले से जुड़े आतंकियों को देखा गया। आतंकियों को शरण देने को लेकर पाकिस्तान पर फिर उठे सवाल, जानें भारत के लिए इसके क्या मायने? पूरी खबर पढ़ें
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Shoaib Akhtar Brother Funeral: शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर का बीते दो दिन पहले निधन हो गया, उनकी अंतिम यात्रा यानी जनाजा पाकिस्तान में इस्लामाबाद के एक कब्रिस्तान में हुआ, लेकिन जनाते की एक वीडियो सामने आते ही भारत में हड़कंप मच गया क्योंकि, इस जानजे में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई मुख्य लोग शामिल दिखे। हैरानी वाली बात है कि पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड आतंकी सैफुल्लाह कसूरी भी इस जनाजे में मौजूद था। कुल मिलाकर इन संगठनों पर भारत में हुए बड़े आतंकी हमलों में शामिल होने के आरोप हैं, जिनमें 26/11 मुंबई आतंकी हमला और पहलगाम हमला शामिल हैं।
जनाजे में और कौन-कौन दिखा?
वीडियो वायरल होते ही भारत में ये मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में सैफुल्लाह कसूरी के साथ इनाम उर रहमान भी नजर आया। जो पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) का अध्यक्ष हैं। PMML को लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक चेहरा माना जाता है। जनाजे में संगठन के बाकी नेता भी मौजूद दिखे। इनमें उप महासचिव अब्दुल्ला तूर, जोनल महासचिव हाफिज उमर और खिदमत कमेटी के अध्यक्ष अमजद भट्टी शामिल थे। PMML ने खुद अपने आधिकारिक चैनल पर ये वीडियो जारी किया हुआ था।
सैफुल्लाह कसूरी कौन हैं
सैफुल्लाह कसूरी लश्कर-ए-तैयबा के मुख्य सदस्यों में से एक है और उप प्रमुख भी बताया जाता है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 पर्यटकों की मौत हुई थी। भारत ने इस हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया। इसमें लश्कर के कई आतंकी मारे गए। भारत ने सिंधु जल समझौते को भी निलंबित कर दिया था। इसके बाद सैफुल्लाह कसूरी लगातार भारत के खिलाफ बयान देते रहे। फरवरी में एक वीडियो में उन्होंने भारत को धमकी दी और समुद्री रास्ते से 26/11 जैसे हमले की बात कही। एक दूसरी वीडियो में उन्होंने सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर वॉटर टेररिज्म का आरोप लगाया था।
पाकिस्तानी सेना से संबंध का दावा
एक वीडियो में कसूरी कहते दिखे कि पाकिस्तान की सेना उन्हें अपने कार्यक्रमों में बुलाती है। वे सैनिकों की अंतिम नमाज पढ़ाने के लिए भी बुलाती है। उन्होंने दावा किया कि भारत भी उनसे डरता है।
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PMML और लश्कर का आपस में क्या कनेक्शन?
दरअसल, PMML पर सवाल उठते रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी आतंकी घोषित हाफिज सईद पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, बैन के बाद PMML को राजनीतिक विकल्प के रूप में खड़ा किया। बतादें हाफिज सईद को 26/11 मुंबई हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। PMML ने 2024 के पाकिस्तान चुनाव में हिस्सा लिया लेकिन बुरी तरह हार गई।
आतंकियों को शरण देता है पाकिस्तान
भारत हमेशा से पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों को शरण देने का आरोप लगाता रहा है। पहलगाम जैसे हमलों से पर्यटकों की सुरक्षा प्रभावित होती है। इस जनाजे में आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी पाकिस्तान में इन समूहों के प्रभाव को दिखाती है। आने वाले वक्त में सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। शोएब अख्तर या उनके परिवार की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई बयान नहीं आया है। यह घटना एक बार फिर साफ करती है कि पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठनों के लोग खुलेआम घूम रहे हैं।