Pakistan Train Hijack: बलोच विद्रोहियों ने 50 बंधकों को उतारा मौत के घाट, सरकार ने भेजे 200 ताबूत, 28 घंटे बाद भी ऑपरेशन जारी
Pakistan: जाफर एक्सप्रेस हाईजैक को लेकर जानकारी सामने आई है, बलोच विद्रोहियों ने 50 बंधकों को मौत के घाट उतार दिया है, जिसमें पाकिस्तान सेना के जवान शामिल हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Pakistan Train Hijack: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान की सरकार से अपमी मांगों को मनवाने के लिए क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस (Jaffar Express) को हाईजैक कर लिया। अब इस मामले पर बीएलए की ओर से ताजा बयान सामने आया है कि उन्होंने अबतक 50 बंधकों को मौत के घाट उतार दिया है। यदि उनकी शर्ती नहीं मानी गईं तो संख्या और भी बढ़ सकती है।
जाफर एक्सप्रेस ट्रेन के हाईजैक होने के बाद से पाकिस्तान की दुनियाभर में खूब किरकिरी हो रही है। ट्रेन हाईजैक में बंधक बनाए गए लोगों की बलूचिस्तान के लड़ाकों ने एक लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें 180 लोगों के नाम शामिल हैं। इन बंधकों में पाकिस्तानी सेना के मेजर रैंक के अफसर एम एहसान जावेद का भी नाम है, जिसे बचाने के लिए पाक सेना ने पूरा जोर लगा दिया है। पाकिस्तानी सरकार की ओर से 200 ताबूत भेजे गए हैं, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।
बलूच विद्रोहियों ने कई नागरिकों को छोड़ा
सुबह खबरें आई थी कि जिन बंधकों को बलूच विद्रोहियों ने छोड़ा है, उन्हें पाकिस्तान सेना ने ऑपरेशन के तहत छुड़ाया है। अब मीडिया रिपोर्ट से मिल रही जानकारी के मुताबिक, करीब 110 बंधकों को बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने खुद ही छोड़ा है। जिनमें बच्चे, बूढ़े और महिलाएं शामिल हैं। इस हाईजैक में फंसे हुए कुछ लोग जब वापस लौटे तो उन्होंने उस खौफनाक मंजर को बयां किया है।
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बंधकों ने बताई हाइजैक की कहानी
बीएलए के चंगुल से वापस आए एक बंधन ने कहा, ‘जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैक के बाद चीख-पुकार मच गई। ट्रेन में सवार सभी यात्री चीखने लगे और बचाने की गुहार लगाने लगे। इसके बाद सफर कर रहे सभी यात्री अपनी-अपनी जान बचाने के लिए जमीन पर लेट गए। मंगलवार को ट्रेन पर हमला कर हाईजैक कर लिया गया। इसके बाद बीएलए ने सभी यात्रियों को ट्रेन से नीचे उतरने को कहा। डरे सहमे लोग नीचे उतरने को तैयार नहीं थे लेकिन मैं अपने बच्चों को लेकर उतर गया। अगर वो हमें मारने लगते तो हम क्या करते? इसके बाद मैंने मेरे बच्चों और पत्नी को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पीछे मुड़कर मत देखना। मैं अपनी और अपने घर वालों की जान बचाने की कोशिश कर रहा था, इसलिए मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।’
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'आपसे हमारी दुश्मनी नहीं, यहां से चले जाएं…'
जाफर एक्सप्रेस ट्रेन में बीएलए के चंगुल से बचाए गए एक और यात्री ने उस खौफनाक मंजर के बारे में बताते हुए कहा, 'हम सभी लेटे हुए थे। उन्होंने (बीएलए) हमें बुग्गी खाली करने को कहा। इसके बाद मैंने अपने बच्चों को कहा कि इधर भी मरना है और उधर भी मरना है। ऐसे में हम बुग्गी खाली कर वहां से निकल गए। उन्होंने हमें छोड़ दिया और कहा कि आप लोग यहां से चले जाएं। आपसे हमारी दुश्मनी नहीं है। फिर हमने वहां से पैदल अपना रास्ता तय किया। इस दौरान हम नहर में भी गिर गए। पानी और पत्थरों पर से होकर हमें अपना रास्ता तय करना पड़ा।'
कैसे और कब हाईजैक हुई ट्रेन?
मंगलवार, 11 मार्च 2025 को जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पाकिस्तान के क्वेटा शहर से सुबह 9 बजे पेशावर के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही ट्रेन बोलान के मस्काफ इलाके में पहुंची और यहां से ये 8 नंबर की टनल को क्रॉस करने के लिए धीमी रफ्तार में आगे बढ़ी तभी ट्रैक पर जोरदार धमाका हुआ। विद्रोहियों ने ट्रेन पर हमला कर दिया। BLA ने ट्रेन पर गोलीबारी की और उसके बाद जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया। 9 कोच वाली इस ट्रेन में 500 से ज्यादा यात्री और कर्मचारी सवार थे।