अपडेटेड 25 March 2026 at 15:02 IST
युद्ध रोकने के लिए अपने मुंह मियां मिट्ठू बन पंचायत कराने चले थे शहबाज, अब ईरान ने दिया बड़ा झटका; IRGC ने होर्मुज से खदेड़ा पाकिस्तानी जहाज
ईरान ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में पाकिस्तान जा रहे एक कंटेनर जहाज को वापस लौटा दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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एक तरफ पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराने की पूर जोर कोशिश में लगा है। वहीं, दूसरी तरफ दुनिया के सामने एक बार फिर उसकी घोर बेइज्जती हुई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में पाकिस्तान जा रहे एक कंटेनर जहाज को वापस लौटा दिया है।
पाकिस्तान जहाज की पहचान 'सेलेन' (IMO: 9208459) के तौर पर हुई है। यह कराची की ओर जा रहा था, तभी इसे रोककर इसका रास्ता बदल दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इस जहाज के पास इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं थी।
IRGC ने होर्मुज से खदेड़ा पाकिस्तानी जहाज
IRGC नेवी के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसिरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी पुष्टि की। उन्होंने लिखा, “कंटेनर जहाज SELEN को IRGC नेवल फोर्सेस द्वारा कानूनी प्रोटोकॉल का पालन न करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति न होने के कारण वापस लौटा दिया गया है।”
शारजाह से रवाना हुआ था जहाज
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह एंकरेज से 23 मार्च को रवाना हुआ था और कराची की ओर बढ़ रहा था। AIS ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि जहाज होर्मुज के प्रवेश द्वार पर पहुंचने पर अचानक मुड़ गया और वापस फारस की खाड़ी की ओर लौट गया। IRGC की नौसेना ने इसे रोककर प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए आगे बढ़ने नहीं दिया।
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कराची जाने से पहले वापस लौटाया
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने साफ किया है कि "इस समुद्री रास्ते से किसी भी जहाज के गुजरने के लिए, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के समुद्री प्राधिकरण के साथ पूरा तालमेल बिठाना जरूरी है।" IRGC ने कहा कि जहाज के पास जरूरी मंजूरी नहीं थी। सेंट किट्स और नेविस का झंडा लगाकर चल रहा यह जहाज एक कंटेनर जहाज है, जिसकी लंबाई 118.27 मीटर और चौड़ाई 18.14 मीटर है। इसे 28 मार्च को कराची पहुंचना था।
मध्यस्थता के एड़ी चोटी के जोर लगा रहा पाकिस्तान
बता दें कि पाकिस्तान खुद को अमेरिका का बड़ा मददगार साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शांति वार्ता में मध्यस्थता के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। पाकिस्तान चाहता है कि शांति वार्ता में मध्यस्थता वो ही करे। सूत्रों की मानें तो इस्लामाबाद को वार्ता के लिए एक सुरक्षित 'वेन्यू' के रूप में पेश किया जा रहा है।
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हालांकि, यह वही पाकिस्तान है जिसने ईरान पर हमले की स्थिति में इजराइल को निशाना बनाने की बात कही थी। अब अपनी आर्थिक बदहाली और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच, पाकिस्तान अपनी 'चमचागिरी' वाली छवि के साथ अमेरिका को खुश करने में जुटा है। इन सबके बीच ईरान ने पाकिस्तान को तगड़ा झटका दिया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 25 March 2026 at 15:02 IST