BREAKING: भारत का एक और दुश्मन पाकिस्तान में गिन रहा अंतिम सांसें, जख्मी हालत में आमिर हमजा लाहौर के अस्पताल में भर्ती
भारत का एक और बड़ा दुश्मन पाकिस्तान में आखिरी सांसें गिन रहा है। वो अस्पताल में भर्ती है और बताया जा रहा है कि उसकी जान बचने की उम्मीद कम है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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भारत का एक और बड़ा दुश्मन पाकिस्तान में आखिरी सांसें गिन रहा है। वो अस्पताल में भर्ती है और बताया जा रहा है कि उसकी जान बचने की उम्मीद कम है। जी हां हम बात कर रहे हैं आतंकी आमिर हमजा कि जो अपने घर पर गंभीर रूप से घायल पाया गया। उसके शरीर पर गोलियों के निशान मिले हैं। उसे लाहौर के एक अस्पताल में पूरी सुरक्षा के साथ भर्ती कराया गया है। अभी तक यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि लश्कर-ए-तैयबा के सह संस्थापक आमिर हमजा पर हमला किसने किया। आपको बता दें कि आमिर हमजा लश्कर चीफ हाफिज सईद का राइट हैंड है। मुंबई अटैक का वह मोस्टवांटेड आतंकी है।
जानकारी के मुताबिक हमजा अपने घर पर गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे ISI की सुरक्षा में लाहौर के एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। लश्कर के टेलीग्राम चैनल पर जैसे ही हमजा के घायल होने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी आई, सभी आतंकियों में घबराहट पैदा हो गई। आतंकियों को फिलहाल यह बताया गया है कि हमजा एक दुर्घटना में घायल हुआ है।
आमिर हमजा के बारे में जान लीजिए
हमजा 2000 के करीब भारत में काफी एक्टिव था. उसने 2005 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर में हमले की साजिश रची थी। हमजा को आतंकी हाफिज सईद का करीबी भी माना जाता है। अहम बात यह है कि उसे 2012 में अमेरिका ने वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया था। वह मूल रूप से पाकिस्तान स्थित पंजाब के गुजरांवाला का रहने वाला है।
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लश्कर में क्या था आमिर हमजा का काम
लश्कर के आतंकियों के लिए फंड जुटाने की जिम्मेदारी आतंकी आमिर हमजा के कंधों पर है। हमजा लश्कर-ए-तैयबा की सेंट्रल कमेटी का सदस्य भी है। वह भारत में घुसपैठ, आतंकी फंडिंग जैसे कामों में शामिल रहा है। हमजा ने हाफिज सईद संग मिलकर 1990 के दशक में लश्कर संगठन की नींव रखी थी। वह अक्सर हिंसा को धार्मिक जिहाद का नाम देकर अपने भाषण देता रहा है। साल 2018 में उसने अपना खुद का आतंकी संगठन जैश-ए-मनकफा बनाया था। कहा जाता है कि लश्कर पर दबाव के बाद उसने अपना आतंकी संगठन बनाया। हाफिज सईद से उसके मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं। वो आतंकवाद फैलाने के लिए लश्कर की तर्ज पर वह फंड इकट्ठा करता था।