सड़कों पर मांस, जगह-जगह हड्डियां और भयंकर बदबू... बकरीद के बाद पाकिस्तान में मचा त्राहिमाम, गर्मी से सड़ रहे अवशेषों से घुट रहा लोगों का दम
बकरीद (ईद उल-अजहा) के तीन-दिनी उत्सव के बाद पाकिस्तान में बदहाली का माहौल है। यहां के सबसे बड़े शहर कराची में स्वच्छता का संकट मंडरा रहा है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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बकरीद (ईद उल-अजहा) के तीन-दिनी उत्सव के बाद पाकिस्तान में बदहाली का माहौल है। यहां के सबसे बड़े शहर कराची में स्वच्छता का संकट मंडरा रहा है। शहर के कई इलाकों में जगह‑जगह पशु अवशेष और कुर्बानी के बाद बचे मांस के टुकड़े पड़े हैं, जो भीषण गर्मी और नम मौसम के कारण तेजी से सड़ रहे हैं और भयंकर बदबू फैला रहे हैं। स्थानीय लोग अब घरों से निकलने में हिचकिचा रहे हैं और सार्वजनिक मार्गों पर चलना मुश्किल हो गया है।
आधिकारिक आंकड़े और प्रभाव
सिंध सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बोर्ड (SSWMB) ने बताया है कि बकरीद के तीन दिनों के दौरान कराची में कुल 1,42,816 टन से अधिक पशु अवशेष डंप किए गए। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 64,122 टन केवल कटे हुए पशु अंग थे, जो बदबू के प्रमुख कारण बने। यह आंकड़ा केवल आधिकारिक दर्जों तक सीमित है। स्थानीय पत्रकार और निवासी बताते हैं कि वास्तविक मात्रा इससे कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि कई जगह अवशेष अघोषित रूप से फेंके गए है।
कई आवासीय और व्यावसायिक इलाकों में नालियों और सड़कों के किनारे मांस के टुकड़े और खून‑मलवाह का जमा दिखा। तेज गर्मी ने गंदगी के फैलने और सड़न की प्रक्रिया को तेज कर दिया, जिससे कीट‑जनित संक्रमण, बदबू से सांसे लेने में परेशानी का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि कुत्ते और अन्य आवारा पशु भी मांस के अवशेष के पास जमा हो रहे हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य के खतरे और बढ़ गए हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और आलोचना
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सिंध सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बोर्ड और नगरपालिका (Karachi Municipal Corporation) ने त्यौहार समाप्ति के बाद सफाई अभियान तेज किया, कचरा उठाने के लिए मशीनरी और श्रमिक लगाए गए और अस्थायी डंपिंग साइट बंद करने के प्रयास किए गए। बावजूद इसके कई मोहल्लों में सफाई अधूरी रही। अधिकारियों ने कुछ इलाकों में अवशेष उठाने में देरी का कारण संवेदनशीलता, संसाधन‑असमानता और रास्तों तक पहुंच की कठिनाई बताया।
राजनीतिक आरोप‑प्रत्यारोप भी तेज हुए। जमात‑ए‑इस्लामी (JI) के नेता हाफिज नजीम‑उर‑रहमान ने प्रांतीय और नगर निगम प्रशासन पर भ्रष्टाचार और अक्षमता का आरोप लगाया और कहा कि नगरपालिका के भारी बजट (लगभग 43 अरब पाकिस्तानी रुपए) के बावजूद लोग स्वयं सफाई के खर्च झेलने को मजबूर हुए। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारी पारदर्शी ऑडिट और जवाबदेही दें।
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नगरपालिका की तरफ से क्या कहा गया
कराची के मेयर बैरिस्टर मुर्जजा वहाब ने आलोचना खारिज करते हुए कहा कि नगर पालिका ने हर मोड़ पर सफाई अभियान चलाया और टीमों ने अवशेष हटाने का काम जारी रखा। मेयर ने मीडिया को बताया कि वे स्वयं टीमों के साथ जगह‑जगह जाकर निगरानी करते रहे और कई स्थानों पर मांस के अवशेष उठवाने का काम पूरा करवा दिया गया।
मेयर का कहना था कि कुछ इलाकों में अवशेष उठाने में देरी स्थानीय निवासियों द्वारा असमय फेंके जाने और अपराधिक रूप से बड़े स्तर पर डंपिंग के कारण हुई।
अब ये हैं चुनौतियां
- त्यौहार के दौरान एक साथ भारी मात्रा में जैविक अपशिष्ट उत्पन्न होना।
- शहर में पहले से कमजोर कचरा प्रबंधन संरचना और सीमित संग्रहण क्षमता।
- बहुत से इलाके, खासकर गरीब बस्तियां और तंग गली‑मोहल्ले, जहां भारी मशीनरी नहीं पहुंच पाती।
- मौसम‑आधारित तेज सड़न और कीट‑कारक वृद्धि जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता है।
स्वास्थ्य और पर्यावरणीय परिणाम
राह चलते लोगों और पड़ोसियों ने सांस लेने में कठिनाई, मितली और सरदर्द जैसी शिकायतें दर्ज कराई हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ता चेतावनी दे रहे हैं कि जल्दी न हटाए जाने पर यह स्थिति पानी और मवेशी‑जनित रोगों के फैलने का जोखिम बढ़ा सकती है। दीर्घकालिक प्रभावों में जल स्रोतों का प्रदूषित होना, नगर नालियों का जाम होना और मक्खियों‑चूहों के बढ़ने से संक्रामक बीमारियां शामिल हैं।