Pakistan: पहले मारी गोली, फिर चाकूओं से ताबड़तोड़ वार... कौन था बिलाल आरिफ सलाफी? जिसका ईद के दिन लश्कर के हेडक्वार्टर में हुआ कत्लेआम
Pakistan News: शनिवार, 21 मार्च को बिलाल आरिफ सलाफी की ईद के दिन पाकिस्तान में हत्या कर दी गई। पाकिस्तान में इसे सामान्य घटना की तरह नहीं देखा जा रहा है। ये सिर्फ एक मर्डर नहीं, बल्कि लश्कर के सुरक्षा घेरे में एक बहुत बड़ी सेंध है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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LeT commander Bilal Arif Salafi murder: शनिवार (21 मार्च) को जब पूरी दुनिया में ईद मनाई जा रही थी। इसी दिन पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा के खूंखार कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी की 'धुरंधर' स्टाइल हत्या से कांप गया। ईद की नमाज खत्म होने के कुछ देर बाद बिलाल पर हमला हुआ। उसे उसके ही गढ़ में ढेर कर दिया गया। बिलाल पर हमलावरों ने पहले गोली मारी और फिर चाकू से उस पर कई वार किए।
लाहौर से सटे मुरीदके स्थित मरकज तैयबा परिसर में यह सनसनीखेज घटना हुई है। यह वही जगह है जहां 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने सटीक एयरस्ट्राइक की थी।
कैसे हुआ हमला?
जानकारी के अनुसार, यह हमला ईद-उल-फितर की नमाज खत्म होने के कुछ ही मिनट बाद हुआ। सलाफी जैसे ही नमाज पढ़कर स्थल से बाहर निकला, हमलावरों ने उस पर गोलियां चलाईं। उसकी मौत पक्की करने के लिए फिर हमलावरों ने चाकू से कई वार किए। अटैक इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझने का वक्त ही नहीं मिला। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि एक महिला और उसके साथी ने चाकू से हमला किया और इसके बाद वे फिर फरार हो गए।
सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें सलाफी खून से लथपथ पड़ा नजर आ रहा है और उसके आसपास के लोग दहशत में हैं। कुछ लोग सलाफी को जमीन से उठाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
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पाकिस्तान में इसे सामान्य घटना की तरह नहीं देखा जा रहा है। ये सिर्फ एक मर्डर नहीं, बल्कि लश्कर के सुरक्षा घेरे में एक बहुत बड़ी सेंध है। जिस ठिकाने को आतंकी संगठन का सबसे सुरक्षित अड्डा माना जाता था, वहां इतना बड़ा हमला कई सवाल खड़े कर रहा है।
कौन था बिलाल आरिफ सलाफी?
बिलाल आरिफ सलाफी कोई मामूली आतंकी नहीं था। सलाफी साल 2005 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और संगठन का एक अहम चेहरा था। वह संगठन के लिए फंडिंग और भर्ती का काम करता था। सलाफी का मुख्य काम युवाओं को 'जेहाद' के नाम पर गुमराह करना और उन्हें लश्कर के ट्रेनिंग कैंपों तक पहुंचाना था। वह संगठन के लिए चंदा जुटाने और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क को मजबूत करने का भी काम करता था। रिपोर्ट्स की मानें तो वह लश्कर प्रमुख हाफिज सईद के एजेंडे को जमीनी स्तर पर लागू करने वाले भरोसेमंद कमांडरों में से एक था।