'सऊदी पर हमला मतलब हम पर अटैक', ईरान को आंख दिखा रहे पाकिस्तान की क्या है मजबूरी? तेहरान के आगे खींची 'रेड लाइन'
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच भड़के ताजा सैन्य तनाव ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। कल तक अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थ और 'शांतिदूत' बन रहा पाकिस्तान अब अपनी सुरक्षा और सऊदी के साथ हुए 'म्युचुअल डिफेंस पैक्ट' की मजबूरी के कारण बुरी तरह फंस गया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Pakistan on Iran: सऊदी अरब और यमन के हूती लड़ाकों के बीच भड़के ताजा तनाव ने पाकिस्तान की टेंशन को बढ़ा दिया है। इस्लामाबाद इस समय खौफ में है और इसी घबराहट में वह अब सीधे ईरान को आंख दिखा रहा है। पाकिस्तान ने कड़े कूटनीतिक लहजे में तेहरान के सामने एक 'रेड लाइन' खींच दी है और साफ कह दिया है कि सऊदी अरब पर कोई भी हमला पाकिस्तान पर अटैक माना जाएगा।
बुरी तरह फंसा हुआ है पाकिस्तान
दरअसल, पाकिस्तान की इस परेशानी के पीछे उसकी एक बहुत बड़ी मजबूरी है। अगर सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच जंग आगे बढ़ती है, तो पाकिस्तान चाहकर भी इससे अलग नहीं रह पाएगा। दोनों देशों के बीच एक 'म्युचुअल डिफेंस पैक्ट' (आपसी रक्षा समझौता) हुआ है, जिसके मुताबिक एक देश पर हमला दूसरे पर हमला माना जाता है। इसी वजह से पाकिस्तान इस वक्त बुरी तरह फंसा हुआ है।
पूरा विवाद सोमवार को तब भड़का जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नियंत्रण वाले एक एयरपोर्ट पर मिसाइलें दाग दी। इस सीमा पार गोलीबारी ने पिछले चार साल से चले आ रहे शांति-समझौते का उल्लंघन किया।
पाकिस्तान ने पिछले साल हुए समझौते के तहत अपने हजारों सैनिक और फाइटर जेट्स का एक पूरा स्क्वाड्रन सऊदी अरब में तैनात कर रखा है। सुरक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, ये पाकिस्तानी सैनिक यमन से लगी सऊदी सीमा के बेहद करीब तैनात हैं। ऐसे में अगर हूती लड़ाकों के हमले बढ़ते हैं, तो पाकिस्तानी सेना बिना कोई जंग लड़े ही इस युद्ध की आग में सीधे झुलस जाएगी।
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कल तक बन रहा था ‘शांतिदूत’
यह वही पाकिस्तान है जिसने पिछले महीने ही अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। तब इस्लामाबाद खुद को दोनों पक्षों के बीच एक निष्पक्ष शांतिदूत के रूप में पेश कर रहा था। जैसे ही हूतियों ने सऊदी पर मिसाइलें दागीं, पाकिस्तान की घबराहट ईरान के प्रति भारी गुस्से में बदल गई।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने ईरान को सर्वोच्च स्तर पर संदेश भेजा है कि सऊदी अरब पर हमले का मतलब पाकिस्तान पर हमला है। यह हमारी 'रेड लाइन' है।
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लाल सागर को लेकर भी टेंशन में पाकिस्तान
हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण 'लाल सागर' का व्यापारिक मार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। यह वह समुद्री रास्ता है जिस पर पाकिस्तान का पूरा अंतरराष्ट्रीय व्यापार निर्भर करता है। अगर यह टकराव और फैला, तो वैश्विक सप्लाई चेन ठप हो जाएगी, जिससे पाकिस्तान में महंगाई और कंगाली का एक नया दौर शुरू हो सकता है।