Iran-US War: 'ईरान हमारे साथ फिर से समझौता करना चाहता है, मगर ट्रंप चुपचाप बैठकर...', मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने किया बड़ा दावा
व्हाइट हाउस की ओर से दावा किया गया है कि ईरान एक बार फिर अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। वो बार-बार बातचीत की इच्छा जता रहा है, क्योंकि अमेरिकी सेना उसे भारी नुकसान पहुंचा रही है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दोनों और से हमले जारी है। अमेरिकी सेना का ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी है। लगातार छठे दिन तेहरान के कई शहरों को निशाना बनाकर भीषण बमबारी की गई है। वहीं, ईरान के तरफ से हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। दोनों देश एक दूसरे पर '14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन' की शर्तों को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच व्हाइट हाउस की ओर से दावा किया गया है कि ईरान एक फिर अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा, "मैंने इस बारे में राष्ट्रपति से अभी एक घंटे पहले ही बात की है। ईरान लगातार अमेरिका से बातचीत कर रहा है और कह रहा है कि वे हमारे साथ समझौता करना चाहते हैं क्योंकि उन्हें हमारी अमेरिकी सेना से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में हुए हमलों की वजह यह है कि ईरान ने उस MoU का उल्लंघन किया है जो हमने उनके साथ किया था।"
ईरान को होर्मुज में जहाजों पर हमला नहीं करना था-कैरोलिन
कैरोलिन ने आगे कहा, "जिस MoU पर उन्होंने हस्ताक्षर किया था, उसके तहत उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमला नहीं करना था। दुर्भाग्य से, उन्होंने ऐसा करने का दुखद फैसला किया। राष्ट्रपति ट्रंप चुपचाप बैठकर होर्मुज जलडमरूमध्य में आतंकवाद की इन घटनाओं को होने नहीं देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान को इसके नतीजे भुगतने पड़ें। और अभी हम यही देख रहे हैं।"
अमेरिका ईरान पर कभी भी, कहीं भी हमला कर सकता है- व्हाइट हाउस
ईरान के साथ जारी युद्ध पर उन्होंने कहा, हाल ही में अमेरिका ने जो हमले किए, वे ईरान द्वारा उस समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के उल्लंघन के जवाब में थे, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में कमर्शियल जहाजों पर हमले न करने की बात कही गई थी। लेविट ने यह भी कहा कि ट्रंप बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वे ईरान को बिना किसी नतीजे के जहाजों पर हमला नहीं करने देंगे। अमेरिका ने दिखा दिया है कि वह ईरान पर कभी भी, कहीं भी हमला कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की खुद को बचान की क्षमता अब लगभग खत्म हो चुकी है।
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वहीं, व्हाइट हाउस ने जंग के दौरान दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक स्कूल पर हुए जानलेवा हमले की अमेरिकी जिम्मेदारी से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इनकार का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें पता है कि अमेरिकी सेना कभी भी जानबूझकर आम नागरिकों या बच्चों को निशाना नहीं बनाएगी। कैरोलिन लेविट ने पत्रकारों से कहा, "राष्ट्रपति ऐसा इसलिए सोचते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि हमारी सेना हमेशा नेक नीयत से काम करती है।" उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह काफी समय से देश के भीतर महिलाओं, बच्चों और अन्य आम नागरिकों की हत्या करता रहा है।