'पहलगाम हमले में लश्कर का हाथ?', जब UNSC में तीखे सवालों से हुआ पाकिस्तान का सामना, मुंह ताकता रह गया आतंक का पनाहगार
बैठक में UNSC के सदस्य देशों ने पाकिस्तान के "फॉल्स फ्लैग" नैरेटिव को नकार दिया और पूछा कि क्या पहलगाम आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने की संभावना है?
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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India-Pakistan Tension: भारत के हमले के बीच से पाकिस्तान बचने के लिए हर किसी की शरण में पहुंच रहा है। उसका हर पैंतरा उस पर ही भारी पड़ रहा है। पाकिस्तानी की मांग पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में क्लोज डोर मीटिंग भी बुलाई गई, जहां आतंक के पनाहगार ने भारत के खिलाफ फिर झूठ फैलाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उल्टा उसकी ही भारी फजीहत हो गई। अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई गई। साथ ही सदस्य देशों ने उससे तीखे सवाल भी पूछे।
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मुद्दे को लेकर बंदे कमरे में हुई मीटिंग में 15 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में पहलगाम हमले में लश्कर-ए-तैयार का हाथ होने को लेकर चुभने वाले सवाल किए गए। इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले को लेकर जवाबदेही तय करने को भी कहा गया।
"फॉल्स फ्लैग" नैरेटिव को नकारा
समाचार एजेंसी ANI ने न्यूयॉर्क में अपने सूत्रों के जरिए UNSC की बैठक से जुड़ी बड़ी जानकारियां दी। इसके अनुसार UNSC समस्यों ने बैठक में पाकिस्तान से कई कड़े सवाल पूछे। बैठक में UNSC के सदस्य देशों ने पाकिस्तान के "फॉल्स फ्लैग" नैरेटिव को नकार दिया और पूछा कि क्या पहलगाम आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने की संभावना है?
धर्म पूछकर पर्यटकों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठा
मीटिंग में पहलगाम आतंकवादी हमले की व्यापक निंदा की गई। साथ ही इसकी जवाबदेही तय करने की जरूरत पर भी जोर दिया। वहीं, कुछ सदस्यों ने पहलगाम में धर्म पूछकर पर्यटकों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाया। UNSC की बैठक में कई सदस्यों ने पाकिस्तान के मिसाइल परीक्षण और परमाणु बयानबाजी को तनाव बढ़ाने वाले कारक बताया और इस पर चिंता भी जाहिर की। वहीं, स्थिति को अंतर्राष्ट्रीय बनाने के पाकिस्तान के प्रयास भी विफल रहे। बैठक में पाकिस्तान को सलाह दी गई कि वह भारत के साथ द्विपक्षीय तरीकों से मुद्दे को सुलझाएं।
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नाकाम हुई पाकिस्तान की चाल
UNSC की इस बैठक में भारत शामिल नहीं हुआ। पाकिस्तान इस समय परिषद का गैर स्थायी सदस्य है। वहीं, भारत फिलहाल सुरक्षा परिषद का हिस्सा नहीं है। ऐसे में पाक प्रतिनिधि ने भारत की गौरमौजूदगी में अपना एजेंडा चलाने की कोशिश की, लेकिन इस चाल में वह सफल न हो सके।
मीटिंग का नहीं निकला कोई नतीजा
जान लें कि पाकिस्तान के अनुरोध पर ही UNSC में बुलाई गई इस क्लोज डोर मीटिंग का कोई नतीजा नहीं निकला। बैठक को लेकर न तो आधिकारिक बयान आया और न ही कोई रिजॉल्यूशन जारी किया गया। हालांकि पाक प्रतिनिधिअसीम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि बैठक बुलाने के पीछे उनका मकसद सफल रहा। पाकिस्तान शांति चाहता है और भारत से बातचीत के लिए तैयार है।