Nepal Floods: 675 लाशें बरामद, 2400 लापता, 287 भारतीयों का पता नहीं... फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, कैसा है ताजा हालात?

Nepal Floods: नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान जारी है। इस बीच मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ते ही जा रहा है। बाढ़ त्रासदी में मरने वालों की संख्या 675 पहुंच गई है। वहीं, करीब 2400 लोग अभी भी लापता है।

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Nepal Floods: 675 लाशें बरामद, 2400 लापता, 287 भारतीयों का पता नहीं | Image: ANI

Nepal Floods: नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, रसुवा भोटे में आई भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है। इमरजेंसी टीमें कई निचले इलाकों के जिलों से लाशें और इंसानी अवशेष निकाल रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार शाम 6:30 बजे तक बाढ़ के बाद कुल 2,418 लोग लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। वहीं, शनिवार को दोपहर में विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि इस त्रासदी में अभी भी 287 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाई है।

चितवन जिले से सबसे अधिक शव बरामद

NDRRMA के अनुसार इस बाढ़ त्रासदी में सबसे अधिक शव चितवन जिले से बरामद किए गए हैं। चितवन ज़िले में सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं, जहाँ 246 लाशें निकाली गईं, इसके बाद नवलपरासी ईस्ट से 165, नवलपरासी वेस्ट से 63, गोरखा से 57, नुवाकोट से 51, धाडिंग से 45, तनहुन से 35, और रसुवा से 13 लाशें मिलीं। मेडिकल टीमों ने प्रभावित इलाकों में 219 घायल लोगों का इलाज किया है या उन्हें छुट्टी दे दी है।

2,418 लोग अब भी लापता

NDRRMA ने बताया कि लापता लोगों में अंडरग्राउंड हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के 933 वर्कर, 589 विदेशी नागरिक और 127 नेपाली शामिल हैं जो विदेशी टूरिस्ट के साथ यात्रा कर रहे थे। इसके अलावा, 104 सिक्योरिटी और सरकारी अधिकारी, जिनमें 45 नेपाल आर्मी के लोग, 27 नेपाल पुलिस के अधिकारी, 15 कस्टम स्टाफ, 13 आर्म्ड पुलिस फोर्स के सदस्य और 4 इमिग्रेशन के लोग शामिल हैं, अभी भी लापता हैं। ज्योग्राफिकली, लापता लोगों की रिपोर्ट ज्यादातर रसुवा में 562, नुवाकोट में 562, और रोहिंग्या में 562 हैं।

287 भारतीयों से कोई संपर्क नहीं

शनिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्वीट करके अपडेट दिया कि अभी भी 287 भारतीय नागरिक लापता है, जिनसे अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। जायसवाल ने भी बताया कि इस बीच 88 भारतीयों का रेस्क्यू किया जा चुका है। वहीं, नेपाल टूरिज्म डिपार्टमेंट के अनुसार, नेपाल में आई अचानक आई बाढ़ में 183 भारतीय टूरिस्ट अभी भी लापता हैं, और दुनिया भर से कुल 753 टूरिस्ट लापता हैं।

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राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर

शनिवार, 29 अगस्त को नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने बताया कि सर्च और रेस्क्यू टीमें, जिनमें सिक्योरिटी वाले, राज्य और लोकल सरकार, मेडिकल और इमरजेंसी रेस्पॉन्डर शामिल हैं, रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जिलों के प्रभावित इलाकों में लगातार मिलकर काम कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को ढूंढा जा सके, खोजा जा सके, बचाया जा सके और उनकी मदद की जा सके, जिन्हें तुरंत मदद की ज़रूरत है।

चीन ने झील टूटने की दी चेतावनी

वहीं, चीन ने नेपाल को नई चेतावनी दी है। चीन ने बताया है कि लेंडे नदी तंत्र के ऊपरी हिस्से में बनी एक झील कभी भी टूट सकती है। अगर यह झील टूटती है, तो नदी में पानी का बहाव बहुत तेजी से बढ़ सकता है। चीन के अनुसार पानी का अधिकतम बहाव 500 घन मीटर प्रति सेकंड तक भी पहुंच सकता है, जिससे भारी तबाही हो सकती है।

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Published By:
 Sahitya Maurya
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