Nepal Flood: नेपाल जलप्रलय में फंसे 88 भारतीय रेस्क्यू, 287 लोगों से कोई संपर्क नहीं, MEA ने जारी किया ताजा आंकड़ा
Nepal Flood: नेपाल में आई भयानक बाढ़ से भारी जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इस जलप्रलय में 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस त्रासदी में 287 भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Nepal Flood: भारत का पड़ोसी देश नेपाल अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ की वजह से अभी तक 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं, तो करीब 2 हजार से अधिक लोग अभी भी लापता है। वहीं, इस त्रासदी में हजारों लोग घायल भी हुए हैं।
नेपाल बाढ़ त्रासदी में सिर्फ नेपाल के लोग ही नहीं, बल्कि कई देशों के अलावा, भारत के कई लोग भी हताहत हुए हैं। शनिवार, 29 अगस्त को विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा बयान में कहा गया कि नेपाल जलप्रलय में फंसे 88 भारतीय को बचा लिया है, लेकिन अभी भी 287 लोगों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
29 अगस्त को 4 भारतीयों का रेस्क्यू
शनिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के बारे में अपडेट ट्वीट किया। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त को रसुवा में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से 4 भारतीय नागरिकों को बचाया गया। उनके जल्द ही काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है।
88 रेस्क्यू, 287 लोगों से कोई संपर्क नहीं
रणधीर जायसवाल ट्वीट में यह भी बताया कि नेपाल बाढ़ त्रासदी में अभी तक 88 नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। वहीं, अभी भी 287 भारतीय नागरिक लापता है, जिनसे अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। जायसवाल ने भी बताया कि 128 भारतीय मूल के लोग भी लापता है।
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जलप्रलय में 600 से अधिक लोगों की मौत
जलप्रलय में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अधिकारियों ने 616 शव बरामद किए हैं और 2301 लोग घायल हुए हैं जिन्हें बचाया गया है। बाढ़ के कारण चितवन जिले में सबसे अधिक 233 लोगों की मौत हुई, उसके बाद नवलपरासी (पूर्व) में 158, गोरखा में 48, नवलपरासी (पश्चिम) में 47, धाडिंग में 45, नुवाकोट में 41, तनहुन में 31 और रसुवा में 13 लोगों की मौत हुई।
चीन ने झील टूटने की दी चेतावनी
इस बीच चीन ने नेपाल को नई चेतावनी देकर अलर्ट कर दिया है। चीन ने बताया है कि लेंडे नदी तंत्र के ऊपरी हिस्से में बनी एक झील कभी भी टूट सकती है। अगर यह झील टूटती है, तो नदी में पानी का बहाव बहुत तेजी से बढ़ सकता है। चीन के अनुसार पानी का अधिकतम बहाव 500 घन मीटर प्रति सेकंड तक भी पहुंच सकता है, जिससे भारी तबाही हो सकती है।